मुंबई: बॉलीवुड में हाल ही में एक नया विवाद छिड़ा है. ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि बॉलीवुड में क्रिएटिव फैसले अब गैर-क्रिएटिव लोगों के हाथ में आ रहे हैं और इसमें सांप्रदायिक कारक भी भूमिका निभा सकते हैं. उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर खूब बहस छेड़ दी. कई लोगों ने इसे सांप्रदायिक पक्षपात का संकेत मानकर उनकी आलोचना की, जबकि कुछ ने उनका समर्थन भी किया.
अब इस विवाद पर बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. 'मर्दानी 3' की प्रमोशन्स के दौरान उन्होंने DD न्यूज को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि वे एआर रहमान के बयान से सहमत नहीं हैं. रानी ने अपने 30 साल के लंबे करियर का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने कभी भी बॉलीवुड में जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं देखा या महसूस नहीं किया.
रानी मुखर्जी ने कहा- 'बॉलीवुड सबसे धर्मनिरपेक्ष जगह है और मैं इसमें पूरी तरह विश्वास करती हूं. यहां जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता. मेरे 30 साल के करियर में मुझे कभी ऐसी कोई चीज नहीं झेलनी पड़ी. मैं इस इंडस्ट्री से बहुत प्यार करती हूं, इसी ने मुझे आज जो बनाया है, वही बनाया है.'
उन्होंने आगे कहा- 'मैं दिल से कह रही हूं - यहां मेरिट मायने रखती है. आपका काम ही आपकी बोली बोलता है. आखिरकार वही व्यक्ति टिकता और सफल होता है, जिससे दर्शक जुड़ाव महसूस करते हैं. मेरे लिए बॉलीवुड सबसे धर्मनिरपेक्ष और सबसे शानदार जगह बनी हुई है.'
रानी मुखर्जी की यह बातें बॉलीवुड की एकता और समावेशी संस्कृति को दर्शाती हैं. 'मर्दानी 3' में शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में वे एक बार फिर पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आ रही हैं, जो एक क्राइम-थ्रिलर फिल्म है. फिल्म की रिलीज के साथ ही उनकी ये टिप्पणियां चर्चा में हैं. यह विवाद बताता है कि बॉलीवुड में अलग-अलग लोगों के अलग-अलग अनुभव हो सकते हैं, लेकिन रानी जैसे सीनियर एक्टर का यह बयान इंडस्ट्री की सकारात्मक छवि को मजबूत करता है. जहां एक तरफ एआर रहमान ने बदलते पावर स्ट्रक्चर पर सवाल उठाए, वहीं रानी ने इसे मेरिट-बेस्ड और सेक्युलर बताया.