आयकर मामले में थलापति विजय को बड़ा झटका, 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना रहेगा कायम
मद्रास हाई कोर्ट ने टीवीके प्रमुख विजय की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने 2015-16 वित्तीय वर्ष के दौरान अतिरिक्त आय का कथित रूप से खुलासा न करने के लिए लगाए गए 1.50 करोड़ रुपये के आयकर जुर्माने को चुनौती दी थी. यह याचिका 2022 में दायर की गई थी.
मुंबई: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेट्री कड़गम के प्रमुख थलापति विजय को आयकर मामले में बड़ा झटका लगा है. मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को उनकी याचिका पूरी तरह खारिज कर दी. इस याचिका में विजय ने आयकर विभाग द्वारा लगाए गए 1.5 करोड़ रुपये के जुर्माने को चुनौती दी थी. कोर्ट के फैसले के बाद यह जुर्माना अब बरकरार रह गया है.
आयकर मामले में थलापति विजय को बड़ा झटका
यह पूरा विवाद वित्तीय वर्ष 2015-16 से जुड़ा हुआ है. आयकर विभाग का आरोप था कि विजय ने उस साल अपनी आय में करीब 15 करोड़ रुपये अतिरिक्त राशि का खुलासा नहीं किया था. यह रकम मुख्य रूप से उनकी फिल्म 'पुली' से मिली कमाई से जुड़ी बताई जा रही है. सितंबर 2015 में विजय के घर पर आयकर विभाग ने छापेमारी की थी.
1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना रहेगा कायम
छापे के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर विभाग ने कहा कि विजय को नकद में लगभग 4.93 करोड़ रुपये और बैंक ट्रांसफर से 16 करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन नकद हिस्से पर टैक्स नहीं चुकाया गया. छापेमारी के बाद विजय ने जुलाई 2016 में संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया और कुल आय 35.42 करोड़ रुपये बताई, जिसमें यह अतिरिक्त राशि शामिल कर दी गई. लेकिन विभाग का कहना था कि यह खुलासा खुद से नहीं, बल्कि छापेमारी के दबाव में हुआ. इसलिए दिसंबर 2018 में सेक्शन 271AAB(1) के तहत पेनल्टी की कार्यवाही शुरू हुई.
जून 2022 में विभाग ने 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया. विजय ने 2022 में ही मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. उन्होंने दावा किया कि जुर्माना आदेश समय सीमा से बाहर था और इसे 2019 तक जारी होना चाहिए था. लेकिन जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति की एकल पीठ ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शो-कॉज नोटिस और जुर्माना आदेश आयकर अधिनियम की सेक्शन 263 और 275(1)(a) के तहत तय समय-सीमा के अंदर ही जारी किए गए थे. इसलिए नोटिस में कोई कमी नहीं पाई गई.
इस फैसले से विजय को 2022 में मिली अंतरिम राहत भी खत्म
कोर्ट ने मामले के अन्य पहलुओं पर विचार करने से मना कर दिया और विभाग के आदेश को सही ठहराया. इस फैसले से विजय को 2022 में मिली अंतरिम राहत भी खत्म हो गई. उनके वकील ने अपील की अनुमति मांगी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि अब वे अपीलेट अथॉरिटी या आईटीएटी के पास जा सकते हैं. यह घटना विजय के लिए ऐसे समय पर आई है, जब वे अपनी राजनीतिक पार्टी TVK को मजबूत करने में जुटे हैं. साथ ही उनकी आगामी फिल्म 'जन नायकन' को सेंसरशिप से जुड़े विवाद का सामना करना पड़ रहा है.