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Irrfan Khan Birth Anniversary: 'पठान के घर एक ब्राह्मण पैदा हो गया है...', इरफान खान की किस आदत का मजाक उड़ाते थे पिता?

इरफान खान अपनी बेहतरीन अदाकारी के साथ साथ अपनी सादगी और सोच को लेकर भी अलग पहचान रखते थे. मुस्लिम परिवार में जन्मे इरफान वेजिटेरियन थे और जीव हिंसा के खिलाफ थे. इसी आदत के कारण लोग उन्हें हिंदू और ब्राह्मण कहने लगे थे.

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Edited By: Babli Rautela
Irrfan Khan Birth Anniversary: 'पठान के घर एक ब्राह्मण पैदा हो गया है...', इरफान खान की किस आदत का मजाक उड़ाते थे पिता?
Courtesy: Social Media

मुंबई: इरफान खान का जन्म 7 जनवरी 1967 को राजस्थान के टोंक जिले में हुआ था. एक साधारण मुस्लिम पठान परिवार में जन्मे इरफान ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर हिंदी सिनेमा में खास मुकाम हासिल किया. उन्होंने कभी खुद को किसी एक खांचे में नहीं बांधा. उनका जीवन और सोच हमेशा इंसानियत के इर्द गिर्द घूमती रही.

इरफान खान ने फर्श से अर्श तक का सफर तय किया. लेकिन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ने उन्हें बहुत जल्दी हमसे छीन लिया. उनकी मौत के बाद भी उनका अभिनय और विचार लोगों के दिलों में जिंदा हैं. इरफान सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक सोच थे जो समाज को आईना दिखाते थे.

मुस्लिम परिवार में जन्में इरफान नहीं खाते थे नॉनवेज

इरफान का जन्म मुस्लिम पठान परिवार में हुआ था. आम तौर पर लोग मानते हैं कि मुस्लिम परिवारों में नॉन वेज खाना आम बात होती है. लेकिन इरफान इस सोच से बिल्कुल अलग थे. उन्होंने खुद कई इंटरव्यू में बताया था कि वह बचपन से ही वेजिटेरियन थे. उन्हें मांसाहार से परहेज था.

इरफान सिर्फ नॉन वेज से दूर नहीं रहते थे बल्कि वह जीव हिंसा के भी खिलाफ थे. जानवरों को नुकसान पहुंचाने की बात उन्हें भीतर तक परेशान कर देती थी. वह मानते थे कि किसी भी जीव को मारकर खाना सही नहीं है. यही सोच उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी.

इरफान का मजाक उड़ाते थे पिता 

इरफान ने एक इंटरव्यू में हंसते हुए बताया था कि उनकी इस आदत से उनके पिता भी हैरान रहते थे. पिता मजाक में उन पर तंज कसते थे और कहते थे कि पठान के घर में एक ब्राह्मण पैदा हो गया है. यह बात परिवार में मजाक का विषय बन गई थी.

इरफान की वेजिटेरियन आदत सिर्फ घर तक सीमित नहीं रही. धीरे धीरे आस पास के लोग भी उनकी इस सोच को जानने लगे. लोग उन्हें मजाक में ब्राह्मण कहने लगे. इरफान को इससे कभी बुरा नहीं लगा. वह इसे अपनी पहचान का हिस्सा मानते थे.

धर्म से ऊपर इंसानियत

इरफान खान हमेशा धर्म से ऊपर इंसानियत को मानते थे. उनके लिए अच्छा इंसान होना सबसे जरूरी था. वह मानते थे कि इंसान की पहचान उसके कर्मों से होती है न कि उसके नाम या धर्म से. यही वजह थी कि हर धर्म हर वर्ग के लोग उनसे जुड़ाव महसूस करते थे.

इरफान ने अपने करियर की शुरुआत टीवी से की थी. छोटे परदे पर काम करने के बाद उन्होंने फिल्मों की दुनिया में कदम रखा. धीरे धीरे वह बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद अभिनेताओं में गिने जाने लगे. उन्होंने हर तरह के किरदार निभाए और हर बार खुद को साबित किया.