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दूसरे दिन फिसली इक्कीस की रफ्तार, बॉक्स ऑफिस पर धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ने की इतनी कमाई

श्रीराम राघवन की फिल्म इक्कीस ने दूसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर गिरावट दर्ज की है. न्यू ईयर की छुट्टी के बाद शुक्रवार को फिल्म ने 3.50 करोड़ की कमाई की. अब मेकर्स की नजरें वीकेंड के प्रदर्शन पर टिकी हैं.

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Edited By: Babli Rautela
दूसरे दिन फिसली इक्कीस की रफ्तार, बॉक्स ऑफिस पर धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ने की इतनी कमाई
Courtesy: Social Media

मुंबई: हिंदी सिनेमा की नई फिल्म इक्कीस गुरुवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म में अगस्त्य नंदा, धर्मेंद्र, सिमर भाटिया और जयदीप अहलावत अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं. रिलीज के पहले दिन फिल्म को न्यू ईयर की आंशिक छुट्टी का फायदा मिला. इसी वजह से फिल्म ने पहले दिन करीब सात करोड़ रुपये की कमाई कर ली. ओपनिंग को देखते हुए ट्रेड को फिल्म से अच्छी उम्मीदें बंधी थीं.

अब दूसरे दिन यानी शुक्रवार को फिल्म की कमाई में साफ गिरावट देखने को मिली. सेकनिल्क के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार इक्कीस ने दूसरे दिन करीब तीन करोड़ पचास लाख रुपये का कलेक्शन किया है. यह पहले दिन के मुकाबले लगभग पचास प्रतिशत कम है. इसके साथ ही फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दस करोड़ पचास लाख रुपये तक पहुंच गया है. यह आंकड़ा न तो बहुत कमजोर माना जा रहा है और न ही बहुत मजबूत. फिल्म अब एक अहम मोड़ पर खड़ी है.

वीकेंड पर टिकी मेकर्स की नजरें

फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि शुक्रवार की गिरावट घबराने वाली नहीं है. गुरुवार को छुट्टी का असर साफ दिखा था और शुक्रवार को सामान्य वर्किंग डे होने की वजह से कलेक्शन कम हुआ. चूंकि फिल्म को क्रिटिक्स से पॉजिटिव रिव्यू मिले हैं और दर्शकों के बीच वर्ड ऑफ माउथ भी ठीक ठाक है, इसलिए शनिवार और रविवार को कलेक्शन में उछाल आने की पूरी संभावना है. अगर वीकेंड पर फिल्म ने अच्छी ग्रोथ दिखाई तो यह गिरावट आसानी से कवर हो सकती है.

इक्कीस का बजट 

रिपोर्ट्स के मुताबिक इक्कीस करीब साठ करोड़ रुपये के बजट में बनी है. ऐसे में फिल्म के लिए जरूरी है कि वह सिर्फ ओपनिंग वीकेंड ही नहीं बल्कि आने वाले हफ्तों में भी स्थिर प्रदर्शन करे. कंटेंट आधारित फिल्मों के लिए लंबी रेस ज्यादा मायने रखती है. वीकेंड के बाद सोमवार से फिल्म की असली परीक्षा शुरू होगी.

इक्कीस को समीक्षकों की ओर से अच्छे रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं. कई रिव्यू में फिल्म की कहानी और निर्देशन की तारीफ की गई है. एक प्रमुख रिव्यू में फिल्म को तीन दशमलव पांच स्टार दिए गए और लिखा गया कि यह फिल्म इक्कीस साल के एक बहादुर युवक की सच्ची कहानी को संवेदनशील तरीके से पेश करती है. फिल्म यह दिखाती है कि किस तरह एक युवा ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी. समीक्षकों का मानना है कि फिल्म भावनात्मक है और इसे जरूर देखा जाना चाहिए.