दोस्ती ऐसा रिश्ता है, जिसे खून का नहीं बल्कि भरोसे और साथ का रिश्ता कहा जाता है. जिंदगी के हर मुश्किल दौर में एक सच्चा दोस्त सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आता है. बॉलीवुड ने भी कई ऐसी दोस्तियां दिखाई हैं, जिन्हें दर्शक आज तक नहीं भूल पाए हैं. फ्रेंडशिप डे के खास मौके पर आइए जानते हैं बॉलीवुड की 8 सबसे यादगार ऑन-स्क्रीन दोस्तियों के बारे में.
शाहरुख खान के पठान और सलमान खान के टाइगर की दोस्ती मॉडर्न बॉलीवुड की सबसे दमदार दोस्तियों में गिनी जाती है. दोनों अलग-अलग मिशन पर रहते हैं, लेकिन जब देश पर खतरा आता है तो एक-दूसरे के लिए बिना सोचे जान की बाजी लगा देते हैं. 'पठान' और 'टाइगर 3' में दोनों का क्रॉसओवर दर्शकों के लिए सबसे बड़ा सरप्राइज साबित हुआ.
फिल्म जाने तू... या जाने ना में जय और अदिति की दोस्ती ने युवाओं को खूब प्रभावित किया. दोनों एक-दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त थे, लेकिन उन्हें एहसास बाद में हुआ कि उनकी दोस्ती प्यार में बदल चुकी है. उनकी नोकझोंक और केयर आज भी लोगों की पसंदीदा ऑन-स्क्रीन फ्रेंडशिप में शामिल है.
गली बॉय में एमसी शेर और मुराद की दोस्ती भरोसे और प्रेरणा की मिसाल है. एमसी शेर ने सिर्फ मुराद के टैलेंट पर भरोसा नहीं किया, बल्कि उसे सही रास्ता भी दिखाया. उन्होंने साबित किया कि एक अच्छा दोस्त वही होता है जो आपकी सफलता में सबसे ज्यादा खुश हो.
राजकुमार हिरानी की फिल्म संजू में कमली ने दोस्ती की असली मिसाल पेश की. संजू बाबा जब नशे, मानसिक तनाव और जेल जैसी मुश्किल परिस्थितियों से गुजर रहे थे, तब कमली हर कदम पर उनके साथ खड़ा रहा. बिना किसी स्वार्थ के निभाई गई यह दोस्ती फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी बनी.
मुन्ना भाई एमबीबीएस की बात हो और मुन्ना-सर्किट का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. सर्किट ने हर मुश्किल में मुन्ना का साथ दिया. चाहे कोई भी संकट हो, सर्किट हमेशा अपने 'भाई' के साथ खड़ा दिखाई दिया. दोनों की कॉमिक टाइमिंग और इमोशनल बॉन्डिंग आज भी लोगों के दिलों में बसती है.
रोहित शेट्टी के कॉप यूनिवर्स में सिंघम और सूर्यवंशी की दोस्ती भी काफी पसंद की गई. दोनों पुलिस अधिकारी होने के बावजूद एक-दूसरे के लिए हमेशा बैकअप बनकर खड़े रहते हैं. जब भी देश या परिवार पर संकट आया, दोनों ने मिलकर उसका सामना किया.
सोनू के टीटू की स्वीटी में सोनू और टिटू की दोस्ती ने दिखाया कि सच्चा दोस्त वही होता है जो आपकी खुशी और भविष्य की चिंता खुद से ज्यादा करता है. सोनू ने अपने दोस्त को गलत फैसले से बचाने के लिए हर संभव कोशिश की. यही बात उनकी दोस्ती को खास बनाती है.
ये जवानी है दीवानी के बनी और अवि की दोस्ती युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय रही. दोनों की जिंदगी अलग रास्तों पर चली गई, लेकिन उनकी दोस्ती कभी कमजोर नहीं हुई. लंबे समय बाद मिलने पर भी उनके रिश्ते में वही अपनापन और मस्ती देखने को मिली, जो सच्ची दोस्ती की पहचान है.
बॉलीवुड की इन दोस्तियों ने सिर्फ मनोरंजन नहीं किया, बल्कि भरोसा, त्याग, साथ और निस्वार्थ प्रेम का संदेश भी दिया. यही वजह है कि फ्रेंडशिप डे पर इन किरदारों को आज भी याद किया जाता है. इन फिल्मों ने यह साबित किया कि जिंदगी में सच्चा दोस्त मिल जाए, तो हर मुश्किल आसान हो जाती है.