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India Daily

Filmfare Awards: 'लापता लेडीज' के फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने पर 'द केरला स्टोरी' के निर्देशक सुदीप्तो सेन का तीखा हमला, जानें क्या बोले?

Filmfare Awards: अहमदाबाद में आयोजित फिल्मफेयर अवार्ड्स 2024 ने हिंदी सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों को सम्मानित किया. इस समारोह में 'लापता लेडीज' ने बेस्ट फिल्म का पुरस्कार जीता और कुल 12 ट्रॉफी अपने नाम की. अभिषेक बच्चन और कार्तिक आर्यन ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार शेयर किया, जबकि आलिया भट्ट को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवार्ड मिला.

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Edited By: Antima Pal
Filmfare Awards: 'लापता लेडीज' के फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने पर 'द केरला स्टोरी' के निर्देशक सुदीप्तो सेन का तीखा हमला, जानें क्या बोले?
Courtesy: social media

Filmfare Awards: हाल ही में अहमदाबाद में आयोजित फिल्मफेयर अवार्ड्स 2024 ने हिंदी सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों को सम्मानित किया. इस समारोह में 'लापता लेडीज' ने बेस्ट फिल्म का पुरस्कार जीता और कुल 12 ट्रॉफी अपने नाम की. अभिषेक बच्चन और कार्तिक आर्यन ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार शेयर किया, जबकि आलिया भट्ट को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवार्ड मिला. हालांकि इस आयोजन के बाद 'द केरला स्टोरी' के निर्देशक सुदीप्तो सेन ने फिल्मफेयर की कड़ी आलोचना की है.

सुदीप्तो ने अपने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर कर फिल्मफेयर को 'सिनेमा के नाम पर तमाशा' करार दिया. उन्होंने दावा किया कि इस साल के पुरस्कारों में एक 'नकल की गई फिल्म' को तवज्जो दी गई, जबकि 2024 की बेस्ट कृतियों को नजरअंदाज किया गया. सुदीप्तो ने यह भी कहा कि फिल्मफेयर ने उनकी फिल्म 'द केरला स्टोरी' को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर भी आपत्ति जताई थी.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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उन्होंने लिखा, 'मुझे खुशी है कि हम इस 'वुड' समुदाय से दूर हैं, जहां नकली मुस्कान, झूठा भाईचारा और चापलूसी का बोलबाला है. हम इस ढोंग और सिनेमा के नाम पर बनावटी तामझाम से बचे हुए हैं.' सुदीप्तो ने अपनी पोस्ट में भारतीय सिनेमा के अवार्ड समारोहों और मीडिया पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ये संस्थान सितारों के ग्लैमर में खोए रहते हैं और सिनेमा कला के लिए कोई योगदान नहीं देते. उन्होंने इसे छोटे शहरों के लोगों से तुलना की, जो सितारों के घरों के बाहर भीड़ लगाते हैं.

'इस तरह की 'बनावटी' दुनिया से दूर रहकर खुश'

सुदीप्तो ने कहा कि वह इस तरह की 'बनावटी' दुनिया से दूर रहकर खुश हैं और सच्चे सिनेमा को बढ़ावा देने में विश्वास रखते हैं. यह विवाद एक बार फिर हिंदी सिनेमा में पुरस्कारों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है. सुदीप्तो की टिप्पणियों ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, जहां कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ फिल्मफेयर के चयन का बचाव कर रहे हैं.