सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंपने का आदेश दिया है. कोर्ट ने CBI को मामले में FIR दर्ज करने का निर्देश भी दिया है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत के इस आदेश के बाद अब दिशा सालियन की मौत से जुड़े घटनाक्रम और मामले में सामने आए आरोपों की जांच CBI करेगी. दिशा सालियन की मौत से जुड़े हालात लंबे समय से चर्चा और जांच के दायरे में रहे हैं.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी को FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने दिशा सालियन की मौत के मामले की आगे की जांच CBI से कराने का आदेश दिया है. अब जांच एजेंसी मामले से जुड़े उपलब्ध तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल करेगी. जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की जाएगी.
Disha Salian death case | Bombay High Court orders CBI to register an FIR in this matter. The High Court says there should be a CBI investigation into the case. pic.twitter.com/O7oGRDYF3l
— ANI (@ANI) September 2, 2026
दिशा सालियन सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं. उनकी मौत जून 2020 में हुई थी. उनकी मौत के बाद मामले को लेकर कई तरह के सवाल और दावे सामने आए थे. समय के साथ यह मामला सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गया और उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे. अब बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच CBI के पास जाने का रास्ता साफ हो गया है.
CBI अब FIR दर्ज करने के बाद मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच करेगी. एजेंसी घटनाक्रम से संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल कर सकती है और जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी. हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि CBI की जांच में क्या निष्कर्ष सामने आएगा. मामले में किसी भी आरोप की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
दिशा सालियन का नाम सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े घटनाक्रम के कारण भी लंबे समय से चर्चा में रहा है. दोनों की मौत के बीच कथित संबंधों को लेकर सार्वजनिक स्तर पर कई सवाल उठाए गए थे. अब हाई कोर्ट के CBI जांच के आदेश के बाद दिशा सालियन की मौत से जुड़े मामले में जांच नए सिरे से आगे बढ़ेगी. CBI की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में किन परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि होती है.