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'हनुमान अंश' में जो कुछ दिखाया गया है वो...', बाबा नीम करोली पर बनी फिल्म को लेकर उनके भतीजे का बड़ा खुलासा

विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में बाबा नीम करोली की भूमिका शोभिनव सत्य ने निभाई है. फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. अब 31वें दिन भी इसकी कमाई अच्छी चल रही है. अब तक करीब 22.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन हो चुका है और फिल्म को भारी मुनाफा हो रहा है.

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Edited By: Antima Pal
'हनुमान अंश' में जो कुछ दिखाया गया है वो...', बाबा नीम करोली पर बनी फिल्म को लेकर उनके भतीजे का बड़ा खुलासा
Courtesy: X

बाबा नीम करोली की जीवन कथा पर बनी फिल्म 'हनुमान अंश' को लेकर उनके पैतृक गांव अकबरपुर में खुशी का माहौल बना हुआ है. गांव के लोग और परिवार के सदस्य फिल्म की तारीफ कर रहे हैं. उन्होंने साफ कहा है कि फिल्म में दिखाई गई बातें सच्ची हैं.

विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में बाबा नीम करोली की भूमिका शोभिनव सत्य ने निभाई है. फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. अब 31वें दिन भी इसकी कमाई अच्छी चल रही है. अब तक करीब 22.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन हो चुका है और फिल्म को भारी मुनाफा हो रहा है.

बाबा के परिवार वाले भी फिल्म से खुश हैं. उनके दामाद जगदीश प्रसाद भटेले ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि उन्होंने खुद बाबा के चमत्कार नहीं देखे, लेकिन बाबा हनुमान जी के बहुत बड़े भक्त थे. उन पर हनुमान जी की खास कृपा थी. उन्होंने फिल्म को शानदार बताया.

एक भक्त ने भी अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि वे पिछले चार साल से बाबा के मंदिर आते हैं. अपनी बेटी के साथ फिल्म देखकर दोनों को बहुत पसंद आई. उनका मानना है कि फिल्म में बाबा के जीवन की घटनाएं असली हैं. कोई बात मनगढ़ंत नहीं दिखाई गई है.

बाबा के एक भतीजे ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि बाबा उनके ताऊ लगते थे और दोनों एक ही परिवार से थे. बाबा पर हनुमान जी की सिद्धि थी. फिल्म में दिखाई गई लीलाएं सच पर आधारित हैं. बाबा ने गांव के प्रधान का काम भी संभाला था. फिल्म आने के बाद मंदिर में भक्तों की संख्या बढ़ गई है. आसपास के लोग पहले से बाबा को मानते थे, अब और ज्यादा लोग उनके बारे में जानने लगे हैं. बाबा ने गांव का नाम रोशन किया है.

फिल्म का लेखन, निर्देशन और निर्माण विशाल चतुर्वेदी ने खुद किया है. गांव में लोग फिल्म को बाबा की याद और उनकी भक्ति का सही रूप बता रहे हैं. परिवार और भक्त दोनों इस बात से सहमत हैं कि फिल्म ने बाबा की सच्ची कहानी को लोगों तक पहुंचाया है.