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16 की उम्र में लता दीदी के सेक्रेटरी से शादी से लेकर आरडी बर्मन से प्यार तक, जानें कैसी रही आशा भोसले की लव लाइफ?

आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था. वे लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं. मात्र 16 साल की उम्र में आशा ने परिवार की मर्जी के खिलाफ फैसला लिया. लता दीदी के पर्सनल सेक्रेटरी गणपतराव भोसले से उन्हें प्यार हो गया. 

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Edited By: Antima Pal
16 की उम्र में लता दीदी के सेक्रेटरी से शादी से लेकर आरडी बर्मन से प्यार तक, जानें कैसी रही आशा भोसले की लव लाइफ?
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मुंबई: दिग्गज गायिका आशा भोसले का कल 12 अप्रैल 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उन्होंने अपने करियर में 12 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया।. 20 से अधिक भाषाओं में उन्होंने अपनी मीठी आवाज बिखेरी, लेकिन उनकी निजी जिंदगी उतनी आसान नहीं रही. 

ऐसी रही आशा भोसले की लव लाइफ

पेशेवर सफलता के पीछे उनका प्रेम जीवन संघर्ष, दर्द और आखिरकार संगीत से जुड़े सच्चे प्यार की मिसाल बना. आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था. वे लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं. मात्र 16 साल की उम्र में आशा ने परिवार की मर्जी के खिलाफ फैसला लिया. लता दीदी के पर्सनल सेक्रेटरी गणपतराव भोसले से उन्हें प्यार हो गया. 

1949 में घर से भागकर शादी की

गणपतराव उनसे करीब 15 साल बड़े थे. दोनों ने 1949 में घर से भागकर शादी कर ली. इस फैसले से पूरा परिवार नाराज हो गया, खासकर लता मंगेशकर ने लंबे समय तक उनसे बात करना बंद कर दिया. शादी के बाद की जिंदगी आशा के लिए बहुत मुश्किल भरी थी. गणपतराव के साथ उनका रिश्ता टिक नहीं सका. घरेलू हिंसा और तनाव की वजह से 1960 में, यानी शादी के करीब 11 साल बाद दोनों अलग हो गए. उस समय आशा तीन बच्चों की मां थीं- दो बेटे और एक बेटी. तीसरी संतान के समय वे गर्भवती थीं, तब भी पति ने उन्हें घर से निकाल दिया. 

मुश्किल दिनों में आशा का संगीत ही सहारा बना

आशा ने कुछ भी साथ नहीं लिया और अकेले बच्चों को संभालते हुए संघर्ष किया. पहले पति गणपतराव का निधन 1966 में हो गया. इन मुश्किल दिनों में आशा का संगीत ही सहारा बना. उन्होंने स्टूडियो में मेहनत जारी रखी और अपनी आवाज से नाम कमाया. इसी दौरान उनकी मुलाकात युवा संगीतकार राहुल देव बर्मन यानी आरडी बर्मन से हुई. आरडी बर्मन एसडी बर्मन के बेटे थे और आशा से करीब 6 साल छोटे थे. दोनों की पहली मुलाकात स्टूडियो में हुई, जहां आरडी ने आशा का ऑटोग्राफ मांगा था. धीरे-धीरे पेशेवर रिश्ता दोस्ती में बदल गया और फिर प्यार में.

1980 में दूसरी शादी

आरडी बर्मन भी अपनी पहली शादी से अलग हो चुके थे. दोनों के बीच गहरा रिश्ता बन गया, लेकिन परिवारों का विरोध रहा. आरडी की मां इस रिश्ते के खिलाफ थीं. फिर भी 1980 में दोनों ने सादगी से दूसरी शादी कर ली. उस समय आशा 46-47 साल की थीं और आरडी 40 के आसपास. यह शादी संगीत की दुनिया के लिए भी खास थी. दोनों ने साथ में कई यादगार गाने दिए, जैसे कैबरे, जाज और आधुनिक धुनों में आशा की आवाज को नई ऊंचाई मिली.

आरडी बर्मन के साथ आशा को खुशी मिली, लेकिन यह रिश्ता भी पूरी तरह आसान नहीं रहा. कुछ साल बाद दोनों अलग-अलग रहने लगे, फिर भी उनका प्यार और सम्मान बना रहा. 1994 में आरडी बर्मन का निधन हो गया. आशा ने हमेशा उन्हें याद किया और कहा कि संगीत ही उनका सबसे बड़ा साथी रहा. आज पूरी संगीत दुनिया उन्हें श्रद्धांजलि दे रही है.