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Nana Patekar Death: 'तबीयत ठीक नहीं...', अगर नाना पाटेकर से नहीं होती एक चूक तो बच जाती जान! मौत के लास्ट 30 मिनट

नाना पाटेकर के निधन से पहले के कुछ घंटे अब सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. उन्होंने रात करीब 2:30 बजे अपने दोस्त को मैसेज कर तबीयत ठीक न होने और बाईं तरफ दर्द की बात कही थी.

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Edited By: Reepu Kumari
Nana Patekar Death: 'तबीयत ठीक नहीं...', अगर नाना पाटेकर से नहीं होती एक चूक तो बच जाती जान! मौत के लास्ट 30 मिनट
Courtesy: Grok

Nana Patekar Death: नाना पाटेकर के निधन ने हर किसी को झकझोर दिया है. 75 साल के इस दिग्गज अभिनेता ने गोवा के अपने घर में आखिरी सांस ली. लेकिन अब उनकी मौत से पहले के कुछ घंटे सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. वजह है एक मैसेज, जो नाना ने रात करीब 2:30 बजे अपने दोस्त को भेजा था. उसमें उन्होंने लिखा था कि तबीयत ठीक नहीं लग रही और शरीर के बाईं तरफ दर्द है.

रात का वक्त होने के कारण दोस्त वह संदेश तुरंत नहीं देख पाए. जब उन्हें इसकी जानकारी मिली और वे नाना के घर पहुंचे, तब तक हालत काफी बिगड़ चुकी थी. डॉक्टर शेखर सालकर ने बताया कि नाना ने असहज महसूस होने और बाईं तरफ दर्द की शिकायत की थी. यही छोटा सा संदेश अब उनके चाहने वालों के दिल में गहरी कसक छोड़ गया है.

'अच्छा नहीं लग रहा है'

नाना के आखिरी घंटों की कहानी इसलिए ज्यादा भावुक करती है कि उन्हें खुद एहसास हो गया था कि कुछ ठीक नहीं है. उन्होंने मदद के लिए दोस्त को लिखा, 'अच्छा नहीं लग रहा है'. पर रात के उस पहर संदेश तुरंत देखा नहीं जा सका. उस समय नाना गोवा में अकेले थे और उनके साथ सिर्फ एक केयरटेकर मौजूद था.

डेढ़ घंटे बाद का मंजर

बाद में दोस्त ने मैसेज देखा, नाना से संपर्क करने की कोशिश की और उनके घर की ओर निकल पड़े. करीब डेढ़ घंटे बाद, लगभग 4 बजे, वे पहुंचे तो नाना पसीने से लथपथ थे और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. हालत धीरे धीरे बिगड़ रही थी. इसके बाद केयरटेकर को अस्पताल की ओर भेजा गया और एंबुलेंस बुलाने की प्रक्रिया शुरू हुई.

एंबुलेंस आई, पर नाना बेहोश थे

डॉक्टरों के मुताबिक, जब एंबुलेंस की टीम नाना के घर पहुंची, तब वे पूरी तरह बेहोश थे और किसी बात पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे. टीम ने घर से ही उन्हें CPR देना शुरू कर दिया. इसके बाद करीब 4:20 बजे उन्हें अस्पताल लाया गया. जिंदगी बचाने की यह जद्दोजहद तेज हुई, लेकिन वक्त हाथ से फिसल चुका था.

अस्पताल की आखिरी कोशिश

अस्पताल में भी डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक नाना को बचाने की कोशिश की, पर उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ. डॉक्टरों ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट की आशंका थी. हालांकि मौत की सटीक वजह की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी की गई. इस तरह एक दमदार कलाकार का सफर खामोशी से थम गया.