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CBSE Affiliation: 3 इडियट्स में दिखाए गए रेंचों के स्कूल को मिली सीबीएसई की मान्यता, दो दशक बाद आई गुड न्यूज

लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने से पहले से ही स्कूल मंजूरी पाने की कोशिश कर रहा है. अंगमो ने बताया, बुनियादी ढांचे का पहले से ही विस्तार किया जा रहा है. हमारी योजना 2028 तक कक्षा 11 और 12 शुरू करने की है.

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Edited By: Reepu Kumari
CBSE Affiliation: 3 इडियट्स में दिखाए गए रेंचों के स्कूल को मिली सीबीएसई की मान्यता, दो दशक बाद आई गुड न्यूज
Courtesy: Pinterest

3 idiots fame school: लद्दाख के ठंडे रेगिस्तान में बसा और रांचो स्कूल के नाम से मशहूर ड्रुक पद्मा कार्पो स्कूल तो आपको याद ही होगा. हां आप सही सोच रहे हैं. यह वही स्कूल है जिसे 2009 में आमिर खान अभिनीत फिल्म 3 इडियट्स में दिखाया गया था. इसके बाद ये स्कूल काफी फेमस हो गया. अपनी स्थापना के दो दशक से भी ज़्यादा समय बाद सीबीएसई से मान्यता मिली है.  यह स्कूल अब तक जम्मू और कश्मीर राज्य विद्यालय शिक्षा बोर्ड (JKBOSE) से संबद्ध था.

स्कूल की प्रिंसिपल मिंगुर आंगमो ने पीटीआई-भाषा को जानकारी दी है कि वो हालांकि हमारे पास सभी आवश्यक बुनियादी ढांचे मौजूद हैं. परिणाम का रिकॉर्ड उत्कृष्ट है और शिक्षण एवं सीखने के अभिनव तरीकों पर हमारा ध्यान केंद्रित है. लेकिन इतने वर्षों में कई प्रयासों के बावजूद हमें जेकेबीओएसई से एनओसी नहीं मिली.

मानदंडों

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के संबद्धता मानदंडों के अनुसार,

  1. स्कूलों को संबंधित राज्य बोर्ड से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' की आवश्यकता होती है.
  2. विदेशी स्कूलों को संबंधित देश में संबंधित दूतावास या भारतीय वाणिज्य दूतावास से इसी तरह के दस्तावेज की आवश्यकता होती है.

लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने से पहले से ही स्कूल मंजूरी पाने की कोशिश कर रहा है. अंगमो ने बताया, बुनियादी ढांचे का पहले से ही विस्तार किया जा रहा है. हमारी योजना 2028 तक कक्षा 11 और 12 शुरू करने की है. हम अपने शिक्षकों के लिए कुछ प्रशिक्षण आयोजित कर रहे हैं, ताकि छात्रों को सीबीएसई पाठ्यक्रम में आसानी से शामिल किया जा सके. हमारे पढ़ाने के तरीके पारंपरिक कक्षा शिक्षण से अलग थे और एनईपी के बाद सीबीएसई भी अपनी शिक्षा पद्धति में सुधार कर रहा है, इसलिए हमारे लिए दोनों को मिलाना आसान होगा.'

24 साला पुराना स्कूल 

24 वर्ष पुराने इस स्कूल का नाम मिफाम पेमा कार्पो (1527-1592) के नाम पर रखा गया है, जिन्हें एक महान विद्वान माना जाता है, जबकि पद्मा कार्पो का अर्थ स्थानीय भाषा बोथी में 'सफेद कमल' होता है. स्कूल में अब पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे यह यात्रा कार्यक्रम में एक 'जरूर जाने वाला' स्थान बन गया है. स्कूल की इमारत की एक दीवार बॉलीवुड फिल्म के समापन दृश्य में दिखाई गई है जिसमें एक पात्र चतुर पेशाब करने की कोशिश करता है लेकिन उसे बिजली का झटका लगता है क्योंकि दो बच्चे पहली मंजिल की खिड़की से तार से जुड़ा एक प्रकाश बल्ब उस पर फेंकते हैं.

'रैंचो की दीवार'

स्कूल ने 2018 में 'रैंचो की दीवार' को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पर्यटकों की आमद के कारण छात्रों का ध्यान भंग न हो.

अब दोनों क्षेत्र अलग-अलग हैं, इसलिए छात्रों को पर्यटकों से परेशानी नहीं होती. हालांकि, कभी-कभी पर्यटक स्कूल में चल रही कुछ गतिविधियों में भाग लेते हैं. जैसे कि कल, हमने यहां चुनाव आयोग के साथ मॉक चुनाव आयोजित किए थे. यह गतिविधि छात्रों को मतदान से लेकर सरकार बनाने तक की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव देने के लिए की गई थी.