करण जौहर की 'कभी अलविदा ना कहना' को रिलीज के समय दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी. हालांकि, समय के साथ फिल्म को अलग पहचान मिली. अब 20 साल पूरे होने पर करण ने सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़े कुछ ऐसे किस्से बताए, जिन्हें याद करके आज भी वह भावुक हो जाते हैं.
करण जौहर ने बताया कि फिल्म के प्रीव्यू के दौरान वह थिएटर में एक कपल के पीछे बैठे थे. फिल्म में शाहरुख खान और रानी मुखर्जी के किरदारों के बीच इंटीमेट सीन आने पर दोनों असहज हो गए. करण के मुताबिक, पति ने पत्नी को बाहर चलने का इशारा किया और दोनों फिल्म बीच में छोड़कर चले गए. इस घटना से करण को काफी बुरा लगा. इसके बाद एक महिला ने भी उनसे नाराज़गी जताई. वह अपनी बेटी के साथ फिल्म देखने आई थी लेकिन कहानी देखकर उसने करण से सवाल किया कि उन्होंने ऐसी फिल्म क्यों बनाई.
करण ने माना कि फिल्म में कई कमियां थीं. उन्हें लगता है कि फिल्म जरूरत से ज्यादा लंबी थी और इसके गाने भी काफी बड़े स्तर पर फिल्माए गए थे. इसके बावजूद उनका मानना है कि कहानी के पीछे की भावना गलत नहीं थी. उन्होंने साफ किया कि फिल्म का मकसद शादी के बाहर प्यार या बेवफाई को सही साबित करना नहीं था. उनके अनुसार, फिल्म ने यह दिखाने की कोशिश की कि अपनी चाहत पूरी करने के लिए शादी की सीमाएं तोड़ने का असर सिर्फ दो लोगों तक नहीं रहता, बल्कि परिवार भी टूट सकता है. यही वजह है कि फिल्म को लेकर आज भी अलग-अलग राय सामने आती हैं.
'कभी अलविदा ना कहना' करण जौहर की तीसरी डायरेक्टोरियल फिल्म थी. इससे पहले वह 'कुछ कुछ होता है' और 'कभी खुशी कभी गम' जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके थे. फिल्म में शाहरुख खान और रानी मुखर्जी के साथ अमिताभ बच्चन, प्रीति जिंटा और अभिषेक बच्चन भी अहम भूमिकाओं में थे. करण ने कहा कि दो दशक बाद भी उन्हें इस फिल्म को लेकर दर्शकों से कई तरह की प्रतिक्रियाएं मिलती हैं. उनकी पिछली डायरेक्टोरियल फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' 2023 में रिलीज हुई थी, जिसमें रणवीर सिंह और आलिया भट्ट नजर आए थे और फिल्म ने दो नेशनल अवॉर्ड जीते थे.