नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सभी संबद्ध विद्यालयों को निर्देश दिया है. 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में मूल्यांकन के कामों के लिए नियुक्त शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करें. 9 फरवरी, 2026 को प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और विद्यालय प्रमुखों को संबोधित एक परिपत्र में बोर्ड ने कहा है कि परीक्षक, मुख्य परीक्षक और अन्य मूल्यांकन भूमिकाओं में नियुक्त शिक्षकों को सीबीएसई द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मूल्यांकन कार्य के लिए उपलब्ध कराया जाना चाहिए.
सीबीएसई की कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं 2026 में 17 फरवरी से शुरू होंगी. कक्षा 10 की परीक्षाएं 11 मार्च, 2026 को समाप्त होंगी, जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 10 अप्रैल, 2026 को समाप्त होंगी. इस वर्ष भारत और 26 देशों के लगभग 46 लाख छात्रों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है. समय पर रिजल्ट जारी ना करने के लिए मूल्यांकन को जिम्मेदार ठहराया गया है.
सीबीएसई ने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन एक महत्वपूर्ण और समयबद्ध प्रक्रिया है. बोर्ड ने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया का समय पर पूरा होना कक्षा 10 और 12 के परिणामों की घोषणा से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है. शिक्षकों की नियुक्ति में किसी भी प्रकार की देरी से समग्र मूल्यांकन कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है.
बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इवैल्यूएशन के काम के लिए नियुक्त टीचरों को न रोकें. संस्थानों से कहा गया है कि वे ऐसे टीचरों को रिलीव करें और इंटरनल एकेडमिक या एडमिनिस्ट्रेटिव जरूरतों के बावजूद, असेसमेंट प्रोसेस में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करें.
सीबीएसई ने अपने परीक्षा संबंधी नियमों को दोहराते हुए कहा कि संबद्ध विद्यालयों के लिए बोर्ड से संबंधित कर्तव्यों में भाग लेना अनिवार्य है. शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति संबंधी निर्देशों का पालन न करने पर बोर्ड द्वारा गंभीर कार्रवाई की जा सकती है.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप, सीबीएसई पहली बार कक्षा 10 की दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा. यह दूसरी परीक्षा 15 मई, 2026 से शुरू होगी और लगभग 15 दिनों तक चलेगी.
हितधारकों की प्रतिक्रिया के आधार पर, सीबीएसई ने अधिक संरचित मूल्यांकन के लिए कुछ चुनिंदा विषयों में खंडवार प्रश्न पत्र शुरू किए हैं;
सीबीएसई 2026 में पहली बार कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली शुरू करेगा. कक्षा 10 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पिछले वर्षों की तरह ही भौतिक रूप से किया जाता रहेगा.
मूल्यांकन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और मजबूत बनाने के लिए, सीबीएसई ने कई कदम उठाए हैं;