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वॉरेन बफेट ने 6 अरब डॉलर के बर्कशायर शेयर दान कर बनाया नया रिकॉर्ड, मरते दम तक दान करने की खाई थी कसम

पिछले साल उन्होंने अपनी वसीयत में बदलाव कर मृत्यु के बाद 99.5% संपत्ति एक धर्मार्थ ट्रस्ट को देने का निर्णय लिया, जिसे उनके बच्चे संचालित करेंगे.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
वॉरेन बफेट ने 6 अरब डॉलर के बर्कशायर शेयर दान कर बनाया नया रिकॉर्ड, मरते दम तक दान करने की खाई थी कसम

विश्व के प्रसिद्ध निवेशक वॉरेन बफेट ने शुक्रवार को बर्कशायर हैथवे के 6 अरब डॉलर के शेयर दान कर एक नया रिकॉर्ड बनाया. यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक दान राशि है, जो गेट्स फाउंडेशन और उनके परिवार की चार धर्मार्थ संस्थाओं को दी गई. पिछले दो दशकों में बफेट का कुल दान अब 60 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है.

दान किए 1.236 करोड़ शेयर

बफेट ने 1.236 करोड़ बर्कशायर क्लास बी शेयर दान किए, जिनमें 94.3 लाख शेयर बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को, 9.43 लाख शेयर सुसान थॉम्पसन बफेट फाउंडेशन को, और उनके बच्चों हॉवर्ड, सूसी, और पीटर द्वारा संचालित तीन धर्मार्थ संस्थाओं—हॉवर्ड जी. बफेट फाउंडेशन, शेरवुड फाउंडेशन, और नोवो फाउंडेशन को 6.60 लाख शेयर प्रत्येक दिए गए.

दान से पहले थे दुनिया के 5वें सबसे अमीर शख्स

दान से पहले फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, 152 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ बफेट दुनिया के पांचवें सबसे अमीर व्यक्ति थे. इस दान के बाद, जो पिछले साल जून के 5.3 अरब डॉलर के दान से अधिक है, उनकी रैंकिंग छठे स्थान पर आ गई. बफेट अभी भी बर्कशायर के 13.8% शेयरों के मालिक हैं.

मृत्यु के बाद सारी संपत्ति दान करने का फैसला

94 वर्षीय बफेट ने बयान दिया, “मैं बर्कशायर के किसी भी शेयर को बेचने का इरादा नहीं रखता.” उन्होंने 2006 से अपनी संपत्ति दान करना शुरू किया था. पिछले साल उन्होंने अपनी वसीयत में बदलाव कर मृत्यु के बाद 99.5% संपत्ति एक धर्मार्थ ट्रस्ट को देने का निर्णय लिया, जिसे उनके बच्चे संचालित करेंगे. सूसी (71), हॉवर्ड (70), और पीटर (67) को एक दशक के भीतर इस राशि का वितरण करना होगा.

बर्कशायर और फाउंडेशनों का योगदान

बफेट ने 1965 से नेब्रास्का के ओमाहा में स्थित बर्कशायर हैथवे का नेतृत्व किया है, जो 1.05 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी है. यह गीको कार इंश्योरेंस, बीएनएसएफ रेलरोड और एप्पल जैसे स्टॉक्स में निवेश करती है. सुसान थॉम्पसन बफेट फाउंडेशन प्रजनन स्वास्थ्य, शेरवुड फाउंडेशन प्रारंभिक शिक्षा, हॉवर्ड जी. बफेट फाउंडेशन वैश्विक भुखमरी और मानव तस्करी, और नोवो फाउंडेशन हाशिए पर रहने वाली महिलाओं और स्वदेशी समुदायों के लिए काम करता है.