menu-icon
India Daily

'किस्त नहीं भरने पर जबरदस्ती गाड़ी नहीं छीन सकते', सुप्रीम कोर्ट का बैंकों को कड़ा निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि लोन की किस्त न चुकाने पर बैंक या एनबीएफसी ग्राहकों से जबरन गाड़ी नहीं छीन सकते. वसूली के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'किस्त नहीं भरने पर जबरदस्ती गाड़ी नहीं छीन सकते', सुप्रीम कोर्ट का बैंकों को कड़ा निर्देश
Courtesy: X

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि लोन डिफ़ॉल्ट के मामलों में बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) जबरन वाहन जब्त नहीं कर सकती हैं. अदालत ने कहा कि कर्ज चुकाने में चूक होने पर भी वित्तीय संस्थानों को स्थापित कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करना होगा. न्यायालय ने आरबीआई और वित्तीय कंपनियों को सख्त हिदायत दी कि कर्जदारों के भी मानवाधिकार और कानूनी अधिकार होते हैं, जिनका उल्लंघन नहीं किया जा सकता.

चोलामंडलम फाइनेंस पर भारी जुर्माना

यह फैसला चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी से जुड़े एक मामले में आया. कंपनी ने अनिवार्य 7 दिनों का नोटिस दिए बिना और अनुचित हथकंडे अपनाकर एक ग्राहक का ट्रक जब्त कर लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के इस आचरण को अवैध ठहराते हुए लोन खाते बंद करने का आदेश दिया. साथ ही, कंपनी को 4.5 लाख रुपये (6% ब्याज सहित), मानसिक प्रताड़ना और नुकसान के लिए 10 लाख रुपये तथा कोर्ट खर्च के रूप में 50,000 रुपये चुकाने के निर्देश दिए.