Stock Market Crash: शेयर बाजार में फिर हाहाकार, सेंसेक्स 555 अंक टूटा; निवेशकों के डूबे 50 हजार करोड़

शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही. निफ्टी 144 अंक गिरकर 23,635 और सेंसेक्स 555 अंक टूटकर 75,577 पर बंद हुआ. बाजार पूंजीकरण घटने से निवेशकों की संपत्ति करीब ₹50 हजार करोड़ कम हुई.

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Kuldeep Sharma

मुंबई: साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन घरेलू शेयर बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया. कारोबार के दौरान निफ्टी दिन के निचले स्तर के करीब बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में भी तेज गिरावट दर्ज की गई. कमजोर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और बड़े शेयरों में बिकवाली ने बाजार का माहौल बिगाड़ दिया.

लगातार दूसरे दिन बाजार में गिरावट

मंगलवार को निफ्टी 144 अंक फिसलकर 23,635 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 555 अंक टूटकर 75,577 पर पहुंच गया. निफ्टी ने कारोबार के दौरान 23,758 का ऊपरी स्तर और 23,623 का निचला स्तर छुआ. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर करीब 486.06 लाख करोड़ रुपये रह गया. इस गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये की कमी आई.

इन सेक्टर और शेयरों पर दिखा दबाव

बाजार में गिरावट का असर खास तौर पर वित्तीय क्षेत्र में देखने को मिला. आईटी, पीएसयू बैंक और निजी बैंक सूचकांक भी दबाव में रहे. दूसरी ओर ऑटो, एफएमसीजी, मीडिया और फार्मा शेयरों में मजबूती दिखाई दी. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचयूएल और ओएनजीसी बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में रहे. वहीं एसबीआई लाइफ, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक निफ्टी के कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे.


23,600 के स्तर पर निफ्टी की नजर

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के देवर्ष वकील के अनुसार, महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बाजार पर असर डाल रही है. अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों की हलचल के साथ बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी दिख रहा है. निफ्टी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है. 23,786 का पिछला स्विंग लो टूटने के बाद 23,600 अगला अहम स्तर बन गया है, जबकि तेजी आने पर 24,000 पहला अवरोध होगा.

बाजार के लिए चुनौती और उम्मीद दोनों

बाजार के सामने कच्चे तेल की कीमतों का 97 डॉलर से ऊपर जाना, विदेशी निवेशकों की संभावित बिकवाली और अमेरिकी बाजारों की कमजोरी जैसी चुनौतियां हैं. आईपीओ की अधिक संख्या से भी बाजार में नकदी पर दबाव पड़ सकता है. हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी, मजबूत आर्थिक आंकड़े और मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों की मजबूती सकारात्मक संकेत दे रही है. तकनीकी स्तर पर 23,700 और 23,600 निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण समर्थन माने जा रहे हैं, जबकि 24,000 के ऊपर टिकना तेजी के लिए जरूरी होगा.