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SWP कैलकुलेशन: 1 करोड़ लगाकर हर महीने पाएं 1 लाख रुपये, 10 साल बाद भी बच सकता है इतना पैसा! समझें पूरा गणित

एसडब्ल्यूपी म्यूचुअल फंड से नियमित आय पाने का एक बेहतरीन जरिया है. सही रिटर्न मिलने पर, हर महीने पैसे निकालने के बाद भी आपकी मूल पूंजी सुरक्षित रह सकती है और बढ़ भी सकती है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
SWP कैलकुलेशन: 1 करोड़ लगाकर हर महीने पाएं 1 लाख रुपये, 10 साल बाद भी बच सकता है इतना पैसा! समझें पूरा गणित
Courtesy: ai generated

रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई का जरिया तलाशना बहुत जरूरी होता है. लोगों के मन में अक्सर यह डर रहता है कि लगातार पैसे निकालने से उनकी जमा पूंजी एक दिन पूरी तरह खत्म हो जाएगी. लेकिन एक खास रणनीति के तहत, आप हर महीने 1 लाख रुपये निकालने के बावजूद 10 साल बाद अपने फंड में एक भारी-भरकम राशि बचा सकते हैं. इसे ही SWP कहा जाता है, जिसके जरिए आप निवेश को सुरक्षित रखकर नियमित आय पा सकते हैं.

SWP कैलकुलेशन कैसे काम करती है?

इस गणित को एक उदाहरण से समझें. मान लीजिए आपके पास 1 करोड़ रुपये का फंड है जिसे आपने किसी म्यूचुअल फंड में निवेश किया है. इसके बाद आप हर महीने 1 लाख रुपये का SWP शुरू करते हैं.

  • सालाना निकासी- 12 लाख रुपये.
  • 10 साल में कुल निकाली गई रकम- 1 करोड़ 20 लाख रुपये.
  • 10 साल बाद बचा हुआ अनुमानित फंड- लगभग 1 करोड़ 3 लाख. (15% सालाना औसत रिटर्न के आधार पर)

यानी 10 साल में 1 करोड़ 20 लाख निकालने के बाद भी आपके पास 1 करोड़ 3 लाख की बची हुई पूंजी सुरक्षित रह सकती है, क्योंकि बचा हुआ पैसा लगातार रिटर्न कमाता रहता है.

SWP का अर्थ और इसकी प्रक्रिया

एसडब्ल्यूपी म्यूचुअल फंड की एक सुविधा है, जो निवेशकों को एकमुश्त पैसे के बजाय तय समय पर नियमित अंतराल पर निश्चित रकम निकालने की अनुमति देती है. बाकी बचा हुआ पैसा बाजार से जुड़े रिटर्न कमाता रहता है.

इसे शुरू करना बेहद आसान है-

  • अपनी रिटायरमेंट की रकम को किसी उपयुक्त म्यूचुअल फंड में लगाएं.
  • फंड में SWP का विकल्प चुनें.
  • अपनी जरूरत के अनुसार निकासी की राशि, समय (मासिक या तिमाही) और तारीख तय करें.
  • बैंक खाता विवरण दर्ज करें, जिसके बाद तय राशि आपके खाते में अपने आप ट्रांसफर होने लगेगी.

रिटायरमेंट के बाद SWP के फायदे और जोखिम

इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि आपका पूरा पैसा एक साथ खत्म नहीं होता और बाकी राशि पर रिटर्न मिलने से फंड बढ़ने की संभावना भी बनी रहती है. लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि म्यूचुअल फंड बाजार के जोखिमों के अधीन हैं. 15% का रिटर्न केवल एक उदाहरण है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती.

शुरुआती सालों में बाजार में गिरावट आने पर आपकी पूंजी तेजी से घट भी सकती है. इसलिए, अपनी जरूरत, खर्च, उम्र और जोखिम उठाने की क्षमता को देखकर ही निकासी की राशि तय करें. सही योजना और सूझबूझ के साथ एसडब्ल्यूपी का उपयोग करने से रिटायरमेंट के बाद पैसों की चिंता किए बिना एक बेहतरीन नियमित आय का स्रोत तैयार किया जा सकता है.