menu-icon
India Daily

सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 24,250 के पार; जानिए बाजार में तेजी के 5 बड़े फैक्टर

कच्चे तेल के दाम गिरने, मजबूत एशियाई बाजारों और आरबीआई गवर्नर के सकारात्मक संकेतों से घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी रही. सेंसेक्स 786 अंक उछला और निफ्टी 24,250 के पार निकल गया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
सेंसेक्स 800 अंक उछला, निफ्टी 24,250 के पार; जानिए बाजार में तेजी के 5 बड़े फैक्टर
Courtesy: ai generated

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट, मजबूत एशियाई बाजारों और घरेलू मोर्चे पर मिले अच्छे संकेतों के दम पर घरेलू शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली. दोपहर सवा बारह बजे के करीब सेंसेक्स 786 अंकों की बढ़त के साथ 77,777 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी भी करीब 233 अंकों की छलांग लगाकर 24,254 के आंकड़े को पार कर गया.

जानकारों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद से ही बाजार में लगातार सुधार दिख रहा है. पिछले नौ दिनों के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 4 फीसदी की मजबूती आई है. बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से चल रहा मंदी या सुस्ती का दौर अब खत्म होने की कगार पर है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए कच्चे तेल के दाम घटना देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है. इससे देश में महंगाई कम होगी और कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा.

बाजार में आई इस तूफानी तेजी के 5 मुख्य कारण

1. कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट- अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव करीब 1.7% गिरकर 72.49 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है. तेल की कीमतें घटने से भारत का आयात बिल कम होगा, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था पर दबाव काफी घट जाएगा. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय शेयर बाजार की तेजी के पीछे कच्चे तेल की गिरती कीमतें सबसे बड़ा फैक्टर हैं.

2. एशियाई बाजारों में जबरदस्त उछाल- भारत के साथ-साथ पूरे एशिया के शेयर बाजारों में आज बंपर तेजी रहीय. जहां साउथ कोरिया का 'कोस्पी' 5% से ज्यादा भागा, वहीं जापान का 'निक्केई' भी लगभग 4% ऊपर चढ़ गया. चीन के बाजार में भी हरियाली देखने को मिली. दुनिया भर के बाजारों से मिले इन अच्छे संकेतों ने भारतीय निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ा दिया.

3. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया हुआ मजबूत- कच्चे तेल के दाम गिरने और वैश्विक स्तर पर डॉलर के कमजोर होने का सीधा फायदा हमारी करेंसी को हुआ है. भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे मजबूत होकर 94.24 के स्तर पर आ गया. हालांकि, विदेशी निवेशकों द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली के कारण रुपये की तेजी पर थोड़ा अंकुश जरूर लगा.

4. बाजार में घबराहट का माहौल हुआ कम- शेयर बाजार में निवेशकों के डर और जोखिम को नापने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' आज 4.45% टूटकर 12.79 पर आ गया. इस इंडेक्स के नीचे आने का मतलब है कि अब निवेशकों के मन में बाजार को लेकर डर कम हो रहा है और वे आने वाले दिनों में मार्केट में स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं.

5. ब्याज दरें बढ़ने का डर खत्म- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा के एक बयान ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है. उन्होंने संकेत दिए हैं कि फिलहाल देश में ब्याज दरें बढ़ाने की कोई तुरंत जरूरत या चिंता नहीं है. ब्याज दरें स्थिर रहने से आम लोगों और कंपनियों के लिए लोन लेना और बिजनेस बढ़ाना आसान हो जाता है, जो शेयर बाजार के लिए हमेशा अच्छा माना जाता है.