'ई साला कप नम्दे' का नारा लगाने वाले आरसीबी के फैंस के लिए इससे बड़ी खुशी की बात और क्या होगी कि उनकी पसंदीदा टीम ने लगातार दूसरी बार आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली है. लेकिन बात सिर्फ मैदान पर जीत की नहीं है इस बार बेंगलुरु के शेरों ने पैसों की पिच पर भी चौके-छक्कों की बरसात कर दी है.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 31 मई 2026 को आईपीएल चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया. जहां एक तरफ खिलाड़ी और फैंस इस खिताबी जीत के जश्न में डूबे हैं वहीं रिपोर्ट्स बताती हैं कि आरसीबी ने इस सीजन में कमाई के मामले में भी सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं जिससे यह लीग की सबसे अमीर और मुनाफे वाली टीमों में शुमार हो गई है.
अनुमान के अनुसार आरसीबी ने इस पूरे सीजन में करीब 765 करोड़ रुपये की बंपर कमाई की है. इसमें से टीम का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी शुद्ध मुनाफा 400 करोड़ रुपये से ज्यादा रहने की उम्मीद है. खेल और पैसे के इस जबरदस्त कॉम्बिनेशन की बदौलत अब आरसीबी की कुल ब्रांड वैल्यू करीब 16,660 करोड़ रुपये आंकी जा रही है.
सेंट्रल रेवेन्यू: आईपीएल के मीडिया राइट्स यानी टीवी और डिजिटल ब्रॉडकास्टिंग से टीम को करीब 450 करोड़ रुपये मिले जबकि सेंट्रल स्पॉन्सरशिप से60 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. यानी सिर्फ इसी हिस्से से टीम के खाते में 510 करोड़ रुपये आ गए हैं.
खुद की स्पॉन्सरशिप और टिकट: टीम को अपने स्पॉन्सरशिप डील्स से करीब 165 करोड़ रुपये मिले हैं. बेंगलुरु के घरेलू मैदान पर मैच के टिकटों की बिक्री से 45 करोड़ और जर्सी-मर्चेंडाइज की बिक्री से 25 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला है. विजेता बनने पर मिलने वाली इनामी राशि ने भी 20 करोड़ रुपये का योगदान दिया है.
बड़ी कमाई के बावजूद आरसीबी ने अपने खर्चों पर काफी कंट्रोल रखा है. टीम का कुल खर्चा करीब 352 करोड़ रुपये रहा जिसमें मुख्य रूप से खिलाड़ियों की सैलरी पर 124.8 करोड़ और मैच फीस पर 12.6 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. वहीं बीसीसीआई के हिस्से के रूप में 151.6 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसके साथ ही कोचिंग स्टाफ, ट्रैवल, मार्केटिंग और स्टेडियम चलाने का खर्च 60 से 65 करोड़ रुपये के बीच रहा नतीजतन 765 करोड़ रुपये की कमाई में से 352 करोड़ रुपये का खर्च घटाने के बाद आरसीबी का मुनाफा करीब 405 करोड़ रुपये रहा है. 50 फीसदी से ज्यादा का यह प्रॉफिट मार्जिन दुनिया के बड़े-बड़े स्पोर्ट्स क्लबों के लिए भी एक मिसाल है.