अगर आप परिवार के लिए सुरक्षित निवेश तलाश रहे हैं, तो पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट योजना पर विचार कर सकते हैं. इसमें बड़ी रकम एक साथ लगाने की जरूरत नहीं होती. नियमित रूप से छोटी राशि जमा करके पांच साल में अच्छा फंड बनाया जा सकता है. हालांकि, ब्याज दर समय के अनुसार बदल सकती है.
पोस्ट ऑफिस आरडी में हर महीने तय रकम जमा करनी होती है और इसकी सामान्य अवधि पांच साल होती है. दिए गए उदाहरण के मुताबिक, अगर पत्नी के नाम खाते में हर महीने 8,000 रुपये जमा किए जाएं, तो 60 महीनों में कुल 4.80 लाख रुपये जमा होंगे. 6.7 प्रतिशत की ब्याज दर के आधार पर मैच्योरिटी राशि करीब 5,70,929 रुपये बताई गई है. यानी जमा रकम के ऊपर लगभग 90,929 रुपये का ब्याज बन सकता है. यहां ध्यान रखना जरूरी है कि वास्तविक मैच्योरिटी राशि उस समय लागू ब्याज दर और योजना के नियमों पर निर्भर करेगी.
आरडी की खासियत नियमित बचत है. इसमें निवेशक हर महीने एक निश्चित राशि जमा करता है और योजना के नियमों के अनुसार ब्याज जुड़ता रहता है. ब्याज की गणना तिमाही आधार पर होने से समय के साथ जमा रकम पर ब्याज का असर बढ़ता है. इस तरह जिन लोगों के पास एकमुश्त निवेश के लिए बड़ी रकम नहीं है, वे धीरे-धीरे बचत करके फंड तैयार कर सकते हैं. पत्नी के नाम अलग निवेश करने से परिवार की वित्तीय योजना में एक अतिरिक्त बचत का जरिया भी बन सकता है.
पोस्ट ऑफिस आरडी सरकारी बचत योजना है, लेकिन निवेश करने से पहले मौजूदा ब्याज दर, जमा नियम, निकासी और लोन से जुड़े प्रावधानों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए. योजना में न्यूनतम मासिक जमा छोटी राशि से शुरू किया जा सकता है और अधिकतम जमा की निर्धारित सीमा नहीं बताई गई है. समय पर किस्त जमा करना भी जरूरी है. इसलिए सिर्फ अनुमानित रिटर्न देखकर फैसला लेने के बजाय अपनी आय, जरूरत और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर योजना चुनना बेहतर रहेगा.