मुंबई: घरेलू शेयर बाजार ने सोमवार को मामूली बढ़त के साथ सत्र का अंत किया. कारोबार के दौरान बड़े सूचकांकों में किसी दिशा की मजबूती नहीं दिखी और निवेशक नए संकेतों का इंतजार करते नजर आए. बीएसई सेंसेक्स 43.27 अंक यानी 0.06 प्रतिशत बढ़कर 78,542.44 पर बंद हुआ. इसी तरह एनएसई निफ्टी50 में 13.15 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की बढ़त रही और यह 24,583.80 पर पहुंच गया. बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनी रही.
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल ऐसा कोई बड़ा ट्रिगर नहीं है, जो सेंसेक्स और निफ्टी को किसी एक दिशा में तेज गति दे सके. कच्चे तेल की कीमत करीब 83-84 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही. विशेषज्ञों का मानना है कि 85-86 डॉलर के ऊपर तेल महंगा होने पर बाजार पर दबाव बढ़ सकता है, जबकि करीब 80 डॉलर का स्तर राहत देने वाला हो सकता है. ईरान और अमेरिका से जुड़े घटनाक्रम भी निवेशकों की चिंता का हिस्सा बने हुए हैं.
जहां सेंसेक्स और निफ्टी सीमित दायरे में रहे, वहीं व्यापक बाजार में कुछ मजबूती दिखाई दी. निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट ने पहली बार 15,000 का स्तर पार करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया. पेमेंट, एक्सचेंज और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े कुछ शेयरों में खरीदारी देखी गई. सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी रियल्टी 1.35 प्रतिशत चढ़ा. निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.30 प्रतिशत और आईटी इंडेक्स में 0.27 प्रतिशत की बढ़त रही. दूसरी ओर पीएसयू बैंक इंडेक्स 1.68 प्रतिशत गिरा.
सेंसेक्स के शेयरों में टाइटन 3.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा. बजाज फाइनेंस 1.93 प्रतिशत चढ़ा, जबकि टाटा स्टील, एशियन पेंट्स और बजाज फिनसर्व में भी तेजी रही. दूसरी तरफ एसबीआई 2.25 प्रतिशत गिरकर सबसे कमजोर रहा. कारोबारियों के लिए निफ्टी में 24,425-24,525 का क्षेत्र अहम सपोर्ट माना जा रहा है. 24,625 शुरुआती बाधा है, जबकि 24,650-24,700 के ऊपर मजबूती बाजार को आगे बढ़ा सकती है. फिलहाल विशेषज्ञों की सलाह है कि बड़े सूचकांकों की दिशा स्पष्ट होने तक निवेशक चुनिंदा और मजबूत शेयरों पर ध्यान दें.