देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सुविधा जल्द शुरू होने वाली है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सिस्टम में बड़ा तकनीकी बदलाव करने की तैयारी में है, जिसके बाद सदस्य सीधे UPI और ATM के माध्यम से अपने पीएफ खाते से धनराशि निकाल सकेंगे. अभी तक यह प्रक्रिया केवल ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही संभव थी. नई सुविधा का उद्देश्य निकासी प्रक्रिया को पहले से अधिक तेज, आसान और डिजिटल बनाना है, जिससे कर्मचारियों को जरूरत के समय तुरंत पैसा उपलब्ध हो सके.
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ईपीएफओ इस महीने के अंत तक नई निकासी सुविधा शुरू कर सकता है. इसके तहत सदस्य अपने बैंक खाते से जुड़े UPI प्लेटफॉर्म और ATM के जरिए पीएफ खाते में जमा धनराशि निकाल सकेंगे. वर्तमान में पीएफ निकासी के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) पोर्टल का उपयोग करना पड़ता है, जिसमें प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लग सकता है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों को पहले की तुलना में अधिक सुविधा और तेजी मिलने की उम्मीद है. इससे आपातकालीन परिस्थितियों में धन निकालना भी आसान हो जाएगा.
नई तकनीक को लागू करने के लिए ईपीएफओ अपने सर्वर सिस्टम में बड़े स्तर पर बदलाव करने जा रहा है. इसी कारण संगठन कुछ दिनों के भीतर लगभग तीन दिन का सर्वर ब्लैकआउट कर सकता है. इस अवधि में ईपीएफओ की कई ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रह सकती हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम नई सुविधाओं को सुरक्षित और सुचारु रूप से शुरू करने के लिए आवश्यक है. सर्वर अपग्रेड पूरा होने के बाद सदस्यों को अधिक आधुनिक और बेहतर डिजिटल अनुभव मिलने की संभावना है. इस दौरान खाताधारकों को अपने जरूरी कार्य पहले से निपटाने की सलाह दी जा सकती है.
ईपीएफओ एक नया मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च करने की तैयारी में है. यह ऐप सीधे सदस्य के बैंक खाते से जुड़ा होगा और BHIM सहित अन्य UPI प्लेटफॉर्म के साथ काम करेगा. इसके जरिए पीएफ खाते की जानकारी देखने, बैलेंस जांचने और धनराशि निकालने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं. अधिकारियों के मुताबिक, इस डिजिटल एकीकरण का उद्देश्य कर्मचारियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर अधिक सेवाएं प्रदान करना है. इससे बार-बार अलग-अलग पोर्टल पर जाने की जरूरत कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक सरल बन जाएगी.
मौजूदा नियमों के अनुसार, पीएफ खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनाए रखना अनिवार्य है. इसी नियम के तहत सदस्य अपने कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75 प्रतिशत हिस्सा निकाल सकेंगे. बताया जा रहा है कि ईपीएफओ के पास करीब 26 लाख करोड़ रुपये का कोष है और इसके लगभग 30 करोड़ सदस्य हैं. वहीं सक्रिय अंशदाताओं की संख्या करीब 7.5 करोड़ बताई जाती है. नई सुविधा लागू होने के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सीधे और तेज डिजिटल निकासी का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे पीएफ सेवाओं में एक नया बदलाव देखने को मिल सकता है.