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India Daily

India-UK Trade Deal से भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर की लगेगी लॉटरी! 15 जुलाई से खुलेंगे कमाई के नए रास्ते

भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू होगा. इससे भारतीय टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, दवा, समुद्री उत्पाद और आईटी क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, जबकि पेशेवरों को सामाजिक सुरक्षा में राहत मिलेगी.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
India-UK Trade Deal से भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर की लगेगी लॉटरी! 15 जुलाई से खुलेंगे कमाई के नए रास्ते
Courtesy: ai generated

भारत और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) अब 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है. करीब तीन वर्षों की बातचीत के बाद तैयार हुए इस समझौते को दोनों देशों के कारोबारी संबंधों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. इसके तहत भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में व्यापक शुल्क राहत मिलेगी. साथ ही, डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) लागू होने से भारतीय पेशेवरों और कंपनियों को भी महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है.

भारतीय निर्यातकों के लिए खुलेंगे नए अवसर

इस समझौते के लागू होने के बाद भारत को ब्रिटेन में लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क-मुक्त पहुंच मिल जाएगी. इसका सीधा फायदा उन उद्योगों को होगा जो बड़े पैमाने पर निर्यात पर निर्भर हैं. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे आर्थिक कूटनीति की बड़ी सफलता बताया है. उनका कहना है कि इससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति मिलेगी. विशेष रूप से श्रम-प्रधान उद्योगों को नए ऑर्डर और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर मिल सकता है.

टेक्सटाइल और परिधान उद्योग को बड़ा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट क्षेत्र इस समझौते के सबसे बड़े लाभार्थियों में शामिल हो सकते हैं. वर्तमान में ब्रिटेन के टेक्सटाइल आयात में भारत की हिस्सेदारी सीमित है, इसलिए विस्तार की काफी संभावनाएं मौजूद हैं. शुल्क समाप्त होने से भारतीय कपड़ा उत्पाद ब्रिटिश बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे. इससे निर्यात बढ़ने, उत्पादन में तेजी आने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. कपड़ा कंपनियों के लिए यह समझौता दीर्घकालिक विकास का रास्ता खोल सकता है.

ऑटो और प्रीमियम शराब बाजार में बदलाव

समझौते के तहत ब्रिटेन से आयात होने वाली कारों पर शुल्क निर्धारित कोटे के भीतर 100 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा. इसका फायदा उन कंपनियों को मिल सकता है जिनकी प्रीमियम गाड़ियां ब्रिटेन से भारत आती हैं. वहीं ब्रिटिश व्हिस्की और जिन पर आयात शुल्क में भी चरणबद्ध कमी होगी. इससे प्रीमियम विदेशी ब्रांड भारतीय बाजार में पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध हो सकते हैं.

आईटी पेशेवरों और कंपनियों को राहत

व्यापार समझौते के साथ डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन भी लागू होगा. इसके तहत ब्रिटेन में अस्थायी रूप से काम करने वाले भारतीय पेशेवरों और उनके नियोक्ताओं को दोहरी सामाजिक सुरक्षा अंशदान से राहत मिलेगी. यह छूट पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी. अनुमान है कि 75,000 से अधिक भारतीय पेशेवर और 900 से ज्यादा कंपनियां इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगी. इसके अलावा आईटी, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य और कंसल्टेंसी जैसे क्षेत्रों के लिए भी नए अवसर खुलने की संभावना है.