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India Daily

Gold-Silver Crash: MCX पर सोना 2300 और चांदी 7000 टूटी, खरीदारी को लेकर क्या बोले एक्सपर्ट्स?

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सस्पेंस और मुनाफावसूली से MCX पर सोना 2300 रुपये और चांदी करीब 7000 रुपये टूटी. एक्सपर्ट्स के मुताबिक शॉर्ट-टर्म दबाव के बावजूद लॉन्ग-टर्म आउटलुक पॉजिटिव है और खरीदारी का यह अच्छा मौका है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
Gold-Silver Crash: MCX पर सोना 2300 और चांदी 7000 टूटी, खरीदारी को लेकर क्या बोले एक्सपर्ट्स?
Courtesy: ai generated

मुंबई: सोने और चांदी के खरीदारों और निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर है. गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली. सोने का वायदा भाव जहां 2,300 रुपये से ज्यादा टूट गया, वहीं चांदी में करीब 7,000 रुपये की बड़ी गिरावट देखी गई.

क्यों आई यह गिरावट?

बाजार के जानकारों का कहना है कि इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन वजहें हैं. पहली है अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सस्पेंस. दरअसल अमेरिका के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन आगे वो दरें घटाएगा या बढ़ाएगा इस पर कोई साफ बात नहीं कही है. इस असमंजस से निवेशकों में घबराहट है.

मिडल ईस्ट में शांति होना दूसरा बड़ा कारण है. मध्य पूर्व में तनाव थोड़ा कम होने से सोने की सुरक्षित निवेश वाली मांग थोड़ी घटी है. वहीं तीसरी वजह है मुनाफावसूली. पिछले दिनों सोने-चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं इसलिए कई बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपनी पोजीशन बेची है.

ताजा भाव क्या हैं?

सोना- अगस्त डिलीवरी वाला सोना 2,374 रुपये मतलब कि 1.54% गिरकर ₹1,51,505 प्रति 10 ग्राम पर आ गया.

चांदी- जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 6,972 रुपये यानी 2.77% की भारी गिरावट के साथ ₹2,44,835 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई.

हालांकि राहत की बात यह रही कि इस बड़ी गिरावट के बावजूद, अगर एक हफ्ता पहले के मुकाबले देखें तो सोना और चांदी अभी भी मजबूत स्थिति में ही ट्रेड कर रहे हैं.

आगे के लिए एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक लॉन्ग टर्म आउटलुक पॉजिटिव अमेरिका में महंगाई की चिंताएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं. जब भी महंगाई बढ़ती है लोग सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं. इसलिए लंबी अवधि के लिए दोनों धातुओं का भविष्य चमकता हुआ नजर आ रहा है. वहीं शॉर्ट टर्म में अगले एक से दो हफ्ते तक सोने की कीमतों पर थोड़ा दबाव बना रह सकता है, यानी रेट्स थोड़े और गिर या संभल सकते हैं.

शादियों और ज्वेलरी की मांग बढ़ेगी. कीमतों में आई इस कमी से भारतीय बाजारों में ज्वेलरी की डिमांड बढ़ने की पूरी उम्मीद है. जो लोग रिकॉर्ड तोड़ महंगाई की वजह से खरीदारी टाल रहे थे उनके लिए यह एक अच्छा मौका बन सकता है.

निवेशकों के लिए सलाह

सुरेंद्र मेहता ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे बाजार के बिल्कुल निचले स्तर का इंतजार करने के बजाय, लंबी अवधि के फायदों को ध्यान में रखकर निवेश करें. साथ ही दुनिया भर के केंद्रीय बैंक भी लगातार सोने की खरीदारी बढ़ा रहे हैं जो इसके भाव को आने वाले समय में मजबूत सपोर्ट देगा.