नई दिल्ली: पेट्रोल डीजल की कीमत को लेकर देशभर के लोगों की नजरें रोजाना सुबह छह बजे टिकी रहती हैं. बुधवार 10 जून को देश में ईंधन की दरें स्थिर रहीं. हालांकि 15 मई से अब तक पेट्रोल डीजल दर में कुल 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है. यह स्तर मई 2022 के बाद सबसे ऊंचा है. पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है.
इससे पहले 25 मई को तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 2.50 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी की थी. यह बढ़ोतरी दो सप्ताह से भी कम समय में चौथी बार की गई थी. इससे पहले मार्च 2024 में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती हुई थी जो दो साल से अधिक समय की एकमात्र राहत थी. ईंधन की बढ़ती कीमतें आम आदमी की जेब पर लगातार भारी पड़ रही हैं.
पश्चिमी एशिया में पिछले तीन महीनों से जारी संघर्ष ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है. इस युद्ध के कारण भारत के कच्चे तेल के आयात का 40 फीसदी हिस्सा बाधित हुआ. प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का 65 फीसदी और रसोई गैस की आपूर्ति का 90 फीसदी हिस्सा खाड़ी देशों से आता था जो अब बाधित है. इन कारणों से कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में भारी उछाल आया और यह बोझ उपभोक्ताओं पर डाला गया.
देश के बड़े शहरों में आज पेट्रोल की कीमतें इस प्रकार हैं;
देश के बड़े शहरों में आज डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं;