Petrol-Diesel Price: पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर आम लोगों की नजरें बाजार पर टिकी हुई हैं. 4 जून 2026 को देश के प्रमुख शहरों में ईंधन के दामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया, लेकिन पहले हुई बढ़ोतरी का असर अभी भी जेब पर भारी पड़ रहा है. वैश्विक कच्चे तेल की स्थिति इसका मुख्य कारण मानी जा रही है.
पिछले कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने बाजार को लगातार प्रभावित किया है. हालांकि आज कीमतों में केवल मामूली बदलाव देखा गया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में स्थिति फिर बदल सकती है. इससे उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
भारत में ईंधन की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं, जिनमें वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें सबसे महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कच्चा तेल पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाला प्राथमिक कच्चा माल है.
रुपये और डॉलर की विनिमय दर भी ईंधन की कीमतों को प्रभावित करती है, क्योंकि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है. इसके अलावा, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और राज्य स्तरीय वैट पेट्रोल और डीजल के अंतिम खुदरा मूल्य को काफी हद तक प्रभावित करते हैं, यही कारण है कि शहरों में कीमतें अलग-अलग होती हैं.
भारत की गतिशील ईंधन मूल्य निर्धारण प्रणाली के तहत इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को प्रतिदिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन करने का अधिकार है. हालांकि, व्यवहार में, खुदरा ईंधन की कीमतें प्रतिदिन बदलना जरूरी नहीं है. अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, विनिमय दरों या उत्पाद की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, कीमतें अक्सर लंबे समय तक अपरिवर्तित रहती हैं.