मुंबई: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में जहां दुनिया भर की कंपनियां खुद को बदलने में जुटी हैं वहीं भारतीय शेयर बाजार में एक ऐसा छोटा शेयर है जो एआई की रेस में बड़ी कंपनियों को टक्कर देने के लिए तैयार दिख रहा है. हम बात कर रहे हैं 'हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज' की. एआई पर कंपनी के मजबूत फोकस को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम ब्रोकिंग इस शेयर को लेकर काफी उत्साहित है. वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे आने के बाद ब्रोकरेज ने इस शेयर पर अपनी Buy यानी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है.
ब्रोकरेज फर्म ने इस शेयर के लिए 584 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है. अगर इसकी तुलना अभी की बाजार कीमत 379 रुपये के आसपास है से करें तो इसमें आगे चलकर लगभग 53% की शानदार तेजी आने की संभावना दिखती है. जानकारों का मानना है कि डिजिटल बदलावों, एआई सॉल्यूशंस और कंपनियों को आधुनिक बनाने की बढ़ती मांग का सबसे बड़ा फायदा इस कंपनी को मिल सकता है.
इस भरोसे के पीछे की एक बड़ी वजह कंपनी का हाल ही में लॉन्च किया गया 'एंटरप्राइज एआई प्लेटफॉर्म' है. यह प्लेटफॉर्म बिजनेस करने वाली कंपनियों को सुरक्षित और बड़े पैमाने पर एआई तकनीक अपनाने में मदद करता है. इसके जरिए कंपनियां एआई एजेंट्स, ऑटोमेशन टूल्स और बेहतरीन गवर्नेंस सिस्टम को अपने कामकाज में आसानी से शामिल कर सकती हैं.
दिलचस्प बात यह है कि हैपिएस्ट माइंड्स न सिर्फ अपने ग्राहकों के लिए एआई प्रोडक्ट्स बना रही है बल्कि वह खुद के कामकाज में भी एआई का जमकर इस्तेमाल कर रही है. कंपनी के मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष 2027 के अंत तक उनके 90% से ज्यादा कर्मचारी एआई-पावर्ड टूल्स का इस्तेमाल करने लगें. इससे कंपनी की कार्यक्षमता बढ़ेगी और बाजार में उसकी स्थिति और मजबूत होगी. कंपनी को इंश्योरेंस, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे कई बड़े सेक्टर से एआई से जुड़े प्रोजेक्ट्स पहले ही मिल चुके हैं.
अगर मार्च तिमाही के वित्तीय नतीजों की बात करें तो यह थोड़े मिले-जुले रहे हैं. इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 600 करोड़ रुपये रहा है जो पिछली तिमाही के मुकाबले 2.8% और पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 10.9% ज्यादा है. हालांकि मुनाफे के मार्जिन पर थोड़ा दबाव देखा गया है. कंपनी का एबिट मार्जिन घटकर 13.4% रह गया जबकि नेट प्रॉफिट 61.1 करोड़ रुपये रहा.
बिजनेस सेगमेंट्स की बात करें तो बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस (BFSI) और एडुटेक का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है. इन सेक्टर्स में डिजिटल और एआई तकनीकों पर जमकर निवेश किया जा रहा है. दूसरी तरफ एक बड़ा प्रोजेक्ट खत्म होने की वजह से हाई-टेक सेगमेंट समेत हेल्थकेयर और रिटेल में थोड़ी सुस्ती देखी गई. भौगोलिक नजरिए से देखें तो इस तिमाही में कंपनी के लिए यूरोप का बाजार सबसे मजबूत रहा जबकि अमेरिका और भारत में ग्रोथ थोड़ी धीमी रही.
मैनेजमेंट को अपने भविष्य पर पूरा भरोसा है और उन्हें वित्तीय वर्ष 2027 में लगभग 12.5% की कांस्टेंट-करेंसी ग्रोथ की उम्मीद है. खर्च बढ़ने से भले ही इस तिमाही में मार्जिन पर असर पड़ा हो लेकिन मैनेजमेंट का मानना है कि आने वाले समय में एआई के इस्तेमाल और लागत पर कंट्रोल के जरिए मुनाफे में सुधार होगा. सेंट्रम ब्रोकिंग का अनुमान है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी का नेट प्रॉफिट 32% की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ सकता है. कुल मिलाकर एआई की लहर पर सवार होकर यह कंपनी आने वाले समय में ग्रोथ की एक बड़ी कहानी लिख सकती है.
नोट- शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें. यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए.