दिल्ली में आज यानी 15 मार्च, शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम जारी कर दिए गए हैं. मिडिल ईस्ट में चल रहे उथल पुथल के बीच भी सरकार अभी तेल की कीमतों पर काबू करने में सफल है. पेट्रोल अब भी 94.77 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है. वहीं डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है. ये दरें पिछले कई दिनों से स्थिर हैं.
भारत में ईंधन की कीमतें 'डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग' सिस्टम के तहत रोज सुबह 6 बजे अपडेट की जाती है. इस व्यवस्था को देश में जून 2017 से शुरू किया गया था. इसका मकसद बाजार में पारदर्शिता लाना और सट्टेबाजी रोकना था. अब कीमतें अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल, डॉलर रुपये की दर और अन्य कारकों पर निर्भर करती हैं.
देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत सीधा अर्थव्यवस्था पर असर डालती हैं. भारत में ज्यादातर कमर्शियल वाहन जैसे ट्रक, बस और टेम्पो इनपर ही निर्भर है. अगर यह महंगा होता है तो परिवहन का खर्च बढ़ेगा, जिससे रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी भार बढ़ सकता हैं. महंगाई बढ़ने पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ब्याज दरें बढ़ा सकता है.
इससे लोन महंगे हो जाते हैं, व्यवसाय और आम लोग दोनों प्रभावित होंगे. मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है, जिसके कारण एलपीजी के आयात नहीं हो पा रहे हैं, जिससे यह महंगे भी हुए और इसकी किल्लत भी देखने को मिल रही है. हालांकि पेट्रोल-डीजल के स्टॉक के कारण देश में इसके दाम अभी नहीं बढ़े हैं. कमर्शियल वाहनों के मालिकों और ड्राइवरों को तुरंत कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ रहा. जिसके कारण स्थिति कंट्रोल में है.
देश के सभी राज्यों में पेट्रोल डीजल के रेट अलग होते हैं. क्योंकि सरकार द्वारा टैक्स अलग-अलग होता है. हर राज्य अपना वैट रेट खुद तय करता है. इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन खर्च और डीलर कमीशन भी कीमत प्रभावित करते हैं. जिससे दाम प्रभावित होते हैं. आज आंध्र प्रदेश में पेट्रोल 109.38 रुपये, चेन्नई में 100.80. मुंबई में 103.54, अरुणाचल प्रदेश में 92.53 रुपये, असम में 99.04 रुपये, बिहार में 105.21, लखनऊ में 94.70 रुपये और गोवा में 96.97 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल की बात करें तो लखनऊ में 87.83 रुपये, पटना में 91.49 रुपये, मुंबई में 90.03, चेन्नई में 92.39 प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा है.