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India Daily

7% की जीडीपी ग्रोथ से नहीं चलेगा काम, फिर कैसे पूरा होगा 2047 तक विकसित भारत बनने का सपना

भारत भले ही 7% से अधिक की दर से बढ़ रहा है, लेकिन 2047 तक 'विकसित भारत' बनने के लिए 9.25% की वार्षिक वृद्धि दर जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार इसके लिए बड़े बदलाव चाहिए.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
7% की जीडीपी ग्रोथ से नहीं चलेगा काम, फिर कैसे पूरा होगा 2047 तक विकसित भारत बनने का सपना
Courtesy: pinterest

भारत की जीडीपी ग्रोथ भले ही 7% के आसपास बनी हुई है, लेकिन साल 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना पूरा करने के लिए यह रफ्तार कम पड़ सकती है. नीति आयोग से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, आजादी के शताब्दी वर्ष तक उच्च-आय वाला देश बनने के लिए भारत को अगले 21 वर्षों तक लगातार 9.25% की वार्षिक दर से बढ़ना होगा.

मिडिल-इन्कम ट्रैप का खतरा

अगर अर्थव्यवस्था 8% से कम दर से बढ़ती है, तो भारत 'मिडिल-इन्कम ट्रैप' में फंस सकता है. इसका मतलब है कि उत्पादकता में सुधार होने से पहले ही मजदूरी बढ़ने से देश का कम लागत वाला फायदा खत्म हो जाता है. 2025 में भारत की प्रति व्यक्ति आय 2,813 डॉलर थी, जिसे 2047 तक 18,000 डॉलर के पार पहुंचाना अनिवार्य है.

विनिर्माण और निर्यात की चुनौतियां

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) सेक्टर को मजबूत करना सबसे जरूरी है. वर्तमान में जीडीपी में विनिर्माण की हिस्सेदारी 16-17% पर ठहरी हुई है, जबकि सरकार का लक्ष्य इसे 25% करने का है. इसके अलावा, वैश्विक वस्तु निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 2% से कम है, जो चीन के 14% से काफी पीछे है.

निवेश और रोजगार में सुधार की जरूरत

निजी निवेश में सुस्ती और शुद्ध एफडीआई (FDI) में कमी आर्थिक गति को प्रभावित कर रही है. इसके साथ ही, भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश (डेमोग्राफिक डिविडेंड) का सही उपयोग करने के लिए युवाओं को बेहतर कौशल और रोजगार देना आवश्यक है. बिना मजबूत निजी निवेश और नौकरियों के सृजन के उच्च विकास दर बनाए रखना कठिन होगा.