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India Daily

बेंगलुरु के स्टार्टअप ने लॉन्च किया ऑटोनॉमस सीप्लेन 'Eureka', कार्गो लागत होगी 1 डॉलर से भी कम

बेंगलुरु के स्टार्टअप ऐस्परा इंडस्ट्रीज ने 'Eureka' नामक ऑटोनॉमस सीप्लेन लॉन्च किया है. यह बिना एयरपोर्ट जलमार्गों का उपयोग कर कार्गो डिलीवरी की लागत और समय दोनों को काफी कम कर देगा.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
बेंगलुरु के स्टार्टअप ने लॉन्च किया ऑटोनॉमस सीप्लेन 'Eureka', कार्गो लागत होगी 1 डॉलर से भी कम
Courtesy: @khushhhi_

बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप 'ऐस्परा इंडस्ट्रीज' की संस्थापक और सीईओ खुशी मित्तल ने 'Eureka' नाम के एक ऑटोनॉमस एम्फिबियस (जल और थल दोनों पर चलने वाले) विमान की घोषणा की है. यह सीप्लेन पारंपरिक एयर फ्रेट की तुलना में काफी कम कीमत पर और तेजी से सामान पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है.

पारंपरिक लॉजिस्टिक्स की चुनौतियां

वर्तमान में दुनिया का लगभग 80% व्यापार समुद्री मार्ग से होता है, जिसमें हफ्तों का समय लगता है. वहीं दूसरी ओर, विमान से सामान भेजना बेहद महंगा पड़ता है. ऐस्परा इंडस्ट्रीज का मानना है कि हवाई माल ढुलाई की ऊंची लागत एक इंजीनियरिंग समस्या है, जिसे तकनीक के जरिए हल किया जा सकता है.

बिना रनवे पानी पर लैंडिंग

'Eureka' सीप्लेन 1,000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है और इसकी रेंज 2,000 किलोमीटर है. दुनिया के 71% हिस्से में फैले जलमार्गों को रनवे की तरह इस्तेमाल करने के कारण इसके लिए किसी नए एयरपोर्ट की जरूरत नहीं होगी. इसमें पुरानी कमियों को दूर करने के लिए खास 'रिट्रैक्टेबल हाइड्रोफॉइल्स' का इस्तेमाल किया गया है.

सस्ते और त्वरित फ्रेट का भविष्य

कंपनी के अनुसार, शुरुआत में इस सीप्लेन से कार्गो परिवहन की लागत 1 डॉलर प्रति टन-किलोमीटर से भी कम आएगी. बड़े पैमाने पर बेड़ा तैयार होने पर यह घटकर 50 सेंट्स से कम हो सकती है. इससे कीमती और जल्दी खराब होने वाले सामान की सप्लाई काफी सस्ती हो जाएगी.