फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले टैक्सपेयर्स के लिए इस साल कई बड़े बदलाव किए गए हैं. सरकार ने ये बदलाव इसलिए किए हैं ताकि टैक्स चोरी रुके, पारदर्शिता बढ़े और आपके बैंक, कंपनी, ब्रोकर व म्यूचुअल फंड के डेटा को आपके 'एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट' से आसानी से मैच किया जा सके.
अगर आपके पास दो मकान हैं और दोनों से रेंट आता है, तो भी आप ITR-1 फॉर्म भर सकते हैं. पहले एक से ज्यादा घर होने पर भारी-भरकम ITR-2 फॉर्म भरना पड़ता था. वहीं अगर आपको लिस्टेड शेयर्स या इक्विटी म्यूचुअल फंड से 1.25 लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स हुआ है तो अब आप उसे सीधे ITR-1 में ही दिखा सकते हैं. इसके साथ ही फॉर्म में अब दूसरा पता, दूसरा मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी डालने के लिए नए कॉलम जोड़ दिए गए हैं.
अगर आपने शेयर या प्रॉपर्टी बेची है तो अब आपको उसकी खरीद-बिक्री की तारीख, बेचने की कीमत और खरीदने की लागत की पूरी डिटेल देनी होगी. अगर किसी कंपनी ने आपसे अपने ही शेयर वापस खरीदे हैं और उसमें आपको नुकसान हुआ है तो उसे रिपोर्ट करने के लिए एक अलग सेक्शन बनाया गया है. अगर आप भारत के निवासी हैं और विदेश में आपकी कोई प्रॉपर्टी या कमाई है तो उसकी जानकारी देना पहले की तरह ही जरूरी है.
शेयर बाजार में ट्रेड करने वालों को अब फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O), इंट्राडे ट्रेडिंग, कमोडिटी ट्रेडिंग और करेंसी ट्रेडिंग की अलग-अलग और साफ जानकारी देनी होगी. इसके अलावा, बड़े ट्रांजैक्शंस यानी हाई-वैल्यू लेन-देन और बिजनेस से जुड़ी कुछ और बारीक जानकारियां भी मांगी गई हैं.
इस फॉर्म में भी अब आप दो घरों से होने वाली कमाई और म्यूचुअल फंड/शेयर से ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) दिखा सकते हैं. अब आपको 31 मार्च 2026 की तारीख को आपके बैंक खातों में कितना बैलेंस था उसकी बिल्कुल सटीक जानकारी देनी होगी. इसके साथ ही अगर आपने किसी पॉलिटिकल पार्टी को डोनेशन दिया है और उस पर टैक्स छूट पाना चाहते हैं, तो अब आपको उस राजनीतिक दल का PAN कार्ड नंबर भी देना पड़ सकता है.
नौकरीपेशा यानी कि सैलरी वाले लोगों के लिए आम तौर पर आखिरी तारीख 31 जुलाई होती है. लेकिन जिन छोटे व्यापारियों या F&O ट्रेडर्स को ऑडिट कराने की जरूरत नहीं है वे अब 31 अगस्त तक अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं. अगर आपसे कोई गलती हो जाती है तो लेट फीस के साथ रिवाइज्ड रिटर्न भरने का समय बढ़ाकर मार्च 2027 तक कर दिया गया है.
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि ITR भरने से पहले अपने सभी बैंक खातों, निवेश और कमाई को अपने AIS से जरूर मिला लें. अगर आपके फॉर्म और AIS के आंकड़ों में अंतर मिला, तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस आ सकता है.