नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के ताजा अनुमानों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा पर नई बहस छेड़ दी है. अरबपति उद्यमी एलन मस्क ने आईएमएफ के जनवरी 2026 अनुमानों पर आधारित एक चार्ट साझा करते हुए कहा कि आर्थिक शक्ति का संतुलन बदल रहा है.
आंकड़े बताते हैं कि भारत अब वैश्विक वृद्धि में अमेरिका से आगे निकल चुका है. यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है, जब दुनिया व्यापार तनाव और नीतिगत अनिश्चितताओं से जूझ रही है.
The balance of power is changing https://t.co/mzk1KRHkcg
— Elon Musk (@elonmusk) January 31, 2026
एलन मस्क द्वारा साझा चार्ट के अनुसार, 2026 में चीन और भारत मिलकर वैश्विक वास्तविक जीडीपी वृद्धि का 43.6 प्रतिशत योगदान देंगे. इसमें भारत अकेले 17 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है. अमेरिका का योगदान 9.9 प्रतिशत आंका गया है. ये आंकड़े एशिया की बढ़ती आर्थिक ताकत की ओर इशारा करते हैं.
यह चर्चा ऐसे दौर में हो रही है, जब अमेरिका ने कई देशों पर कड़े टैरिफ लगाए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से चीन और भारत भी प्रभावित हुए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इन कदमों के बावजूद एशियाई अर्थव्यवस्थाएं घरेलू मांग और निवेश के बल पर आगे बढ़ रही हैं.
आईएमएफ के अनुसार, 2026 में वैश्विक वृद्धि दर 3.3 प्रतिशत और 2027 में 3.2 प्रतिशत रह सकती है. यह अक्टूबर 2025 के अनुमान से थोड़ा बेहतर है. रिपोर्ट में तकनीकी निवेश, अनुकूल वित्तीय हालात और निजी क्षेत्र की मजबूती को सुधार का कारण बताया गया है.
भारत के लिए आईएमएफ ने 2025 की वृद्धि दर बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दी है. बेहतर तीसरी तिमाही और चौथी तिमाही की मजबूत रफ्तार इसका कारण रही. 2026 और 2027 में वृद्धि 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जब अस्थायी कारक धीरे धीरे कमजोर पड़ेंगे.
रिपोर्ट बताती है कि वैश्विक महंगाई में नरमी आएगी. हालांकि, अमेरिका में लक्ष्य तक पहुंचने में समय लगेगा. भारत में 2025 की तेज गिरावट के बाद महंगाई लक्ष्य के करीब लौटने की उम्मीद है. भू राजनीतिक तनाव और तकनीकी उम्मीदों में बदलाव प्रमुख जोखिम बने रहेंगे.