देश में पेट्रोल और डीजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने नया आदेश जारी किया है. आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लागू किए गए इस फैसले में पेट्रोल पंपों से थोक उपभोक्ताओं को ईंधन बेचने पर रोक लगाई गई है. इसके साथ ही डीजल की बिक्री पर भी सीमा तय की गई है. सरकार का कहना है कि यह कदम आम उपभोक्ताओं तक ईंधन की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों के अंतर से होने वाले दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है.
नए आदेश के अनुसार औद्योगिक इकाइयां, आईटी पार्क, मॉल, परिवहन उपक्रम और अन्य बड़े उपभोक्ता अब पेट्रोल पंपों से सीधे ईंधन नहीं खरीद सकेंगे. उन्हें अपनी निर्धारित उपभोक्ता सुविधाओं से ही जरूरत पूरी करनी होगी.
सरकार ने डीजल की बिक्री को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए हैं. पेट्रोल पंप संचालक अब किसी वाहन या ग्राहक को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं दे सकेंगे. यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है.
अधिकारियों के अनुसार खुदरा और थोक दरों के बीच बड़ा अंतर होने से ईंधन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई थी. इसी वजह से आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है.
यह आदेश अधिकतम तीन महीने तक लागू रहेगा. सरकार का मानना है कि इससे पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता बेहतर बनी रहेगी और वास्तविक उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.