सोने की चमक देखकर हर कोई जानना चाहता है कि यह खजाना आखिर सबसे ज्यादा किसके पास है. कोई चीन का नाम लेता है, कोई अमेरिका का, तो चांदी पर मेक्सिको की चर्चा होती है. सच यह है कि 'किंग' का ताज किसी एक देश के सिर नहीं सजता. खदान, तिजोरी और बाजार, तीनों जगह अलग अलग देश आगे हैं. आज इसी उलझन को आसान भाषा में सुलझाते हैं. दुनिया के इस खजाने की चर्चा के बीच आम भारतीय की नजर अपने शहर के भाव पर टिकी रहती है.
जमीन से सोना निकालने की बात करें, तो चीन लंबे समय से पहले पायदान पर माना जाता है. उसके बाद ऑस्ट्रेलिया और रूस आते हैं, जहां बड़ी खदानें दशकों से चल रही हैं. अमेरिका और कनाडा भी इस सूची में मजबूत जगह रखते हैं. यानी सबसे ज्यादा सोना निकालने वालों में एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका, तीनों के देश शामिल हैं.
सबसे ज्यादा सोना खदानों में नहीं, बल्कि सरकारी तिजोरियों में जमा है. केंद्रीय बैंकों के भंडार में अमेरिका सबसे ऊपर माना जाता है. उसके बाद जर्मनी, इटली और फ्रांस जैसे यूरोपीय देश आते हैं. ये देश सोने को मुश्किल वक्त का सहारा मानते हैं, इसलिए इसे सालों तक संभालकर रखते हैं. इसी वजह से भंडार के मामले में अमेरिका को 'सोने का किंग' कहा जाता है.
चांदी की बात आते ही तस्वीर बदल जाती है. खनन में मेक्सिको को सबसे आगे माना जाता है, और उसके बाद चीन और पेरू का नाम आता है. चांदी सिर्फ गहनों में नहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई उद्योगों में भी काम आती है, इसलिए इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. यही वजह है कि खदानों वाले ये देश चांदी के बाजार में बड़ी भूमिका निभाते हैं.
22 कैरेट सोना ज्यादातर शहरों में 13,675 रुपए प्रति ग्राम है, जबकि दिल्ली में 13,690 रुपए. 18 कैरेट का भाव 11,189 से 11,235 रुपए के बीच है. वडोदरा और अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना 14,923 रुपए पर है. चांदी चेन्नई, हैदराबाद और केरल में 2.45 लाख रुपए किलो है, बाकी शहरों में 2.35 लाख रुपए. खरीदने से पहले BIS हॉलमार्क जरूर देखें.