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Pakistan Stock Market Today: पाकिस्तान स्टॉक मार्केट में फिर हाहाकार, तेजी कुछ मिनटों में हुई गायब; निवेशकों का लटका मुंह

Pakistan Stock Market Today: पाकिस्तान के स्टॉक मार्केट में लगातार चार दिनों तक बिकवाली का तूफान चला. कराची 30 और कराची 100 जैसे प्रमुख इंडेक्स बुरी तरह प्रभावित हुए. आज थोड़ी तेजी आई, लेकिन यह जल्दी ही कमजोर पड़ गई.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
Pakistan Stock Market Today: पाकिस्तान स्टॉक मार्केट में फिर हाहाकार, तेजी कुछ मिनटों में हुई गायब; निवेशकों का लटका मुंह
Courtesy: Social Media

Pakistan Stock Market Today: लगातार चार दिनों की जबरदस्त गिरावट के बाद पाकिस्तान स्टॉक मार्केट में शुक्रवार सुबह थोड़ी राहत जरूर दिखी, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी. कुछ ही घंटों में बिकवाली की आंधी लौट आई और बाजार एक बार फिर लाल निशान में पहुंच गया. बता दें कि कारोबार की शुरुआत में कराची स्टॉक एक्सचेंज का KSE-30 इंडेक्स 2.32% की छलांग लगाकर 32,209.34 पर पहुंचा था, लेकिन जल्द ही यह 0.27% की गिरावट के साथ 31,392.33 पर आ गया. इसी तरह KSE-100 इंडेक्स भी शुरुआत में 2% से ज्यादा उछलकर ऊपरी स्तर पर पहुंचा, लेकिन बाद में फिसलकर 0.33% गिरावट के साथ 103,185.76 पर बंद हुआ.

भारत-पाक तनाव ने बिगाड़ी सेंसटिविटी

वहीं इस गिरावट की बड़ी वजह भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव है. पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की ओर से चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की गई. इस जवाबी कार्रवाई के बाद निवेशकों में डर का माहौल बन गया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार ने शुरुआत में जरूर तेजी दिखाई क्योंकि पिछले चार दिनों में 9% से ज्यादा की गिरावट के चलते लो-लेवल बाइंग देखने को मिली. लेकिन जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण यह तेजी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई.

2023 का दमदार प्रदर्शन, अब दबाव में बाजार

गौरतलब है कि पिछले साल पाकिस्तान का शेयर बाजार 22 सालों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला एशियाई बाजार रहा. इस उछाल के पीछे IMF से मिले बेलआउट पैकेज और आर्थिक संकेतकों में सुधार जैसे कारण रहे. इस वजह से ब्लैकरॉक और ईटन वांस जैसी अंतरराष्ट्रीय निवेशक कंपनियों ने पाकिस्तान में बड़ी पूंजी लगाई थी. मौजूदा हालात में, लगभग 50 अरब डॉलर के मार्केट कैप वाले पाकिस्तानी स्टॉक एक्सचेंज को फिर से भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.