भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने भारतीय परिवारों से शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के बजाय लंबी अवधि की बचत और पेंशन योजनाओं में निवेश करने का आह्वान किया है. 'एनपीएस दिवस 2026' के अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) और इक्विटी में निवेश बढ़ा है, लेकिन वृद्धावस्था में वित्तीय सुरक्षा के लिए लंबे समय के पेंशन फंड बेहद जरूरी हैं. उन्होंने याद दिलाया कि 60 वर्ष की आयु के बाद औसतन भारतीय पुरुषों की जीवन प्रत्याशा 18.4 वर्ष और महिलाओं की 19.6 वर्ष होती है, जिसे सुरक्षित बनाने के लिए पूर्व-नियोजित बचत आवश्यक है.
वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव संजय लोहिया ने कहा कि पेंशन फंड से मिलने वाला पैसा देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए लंबी अवधि की 'पेशेंट कैपिटल' प्रदान करता है. उन्होंने यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू होने के बावजूद नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में कर्मचारियों के बने रहने पर संतोष जताया. उन्होंने बताया कि युवा कर्मचारी एनपीएस से बेहतर रिटर्न की उम्मीद रखते हैं. इसके साथ ही उन्होंने फंड प्रबंधकों को सतर्क करते हुए कहा कि वे इसे सामान्य म्यूचुअल फंड न मानकर ग्राहकों के भरोसे को जिम्मेदारी से संभालें.
पेंशन फंड नियामक PFRDA के अध्यक्ष एस. रमण ने जानकारी दी कि अगले दो वर्षों में नेशनल पेंशन सिस्टम में 2 से 3 करोड़ नए ग्राहक जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए 'NPS Tatkal' योजना शुरू की गई है, जिसके जरिए यूपीआई (UPI) ऐप और केवाईसी-वेरीफाइड बैंक खातों के माध्यम से तुरंत खाता खोला जा सकेगा. इस पहल से टियर-II और टियर-III शहरों तक एनपीएस की पहुंच आसान होगी. नियामक का लक्ष्य है कि 2047 तक देश के हर परिवार के पास कम से कम एक एनपीएस खाता हो.