नई दिल्ली: सेल्फ-ड्राइविंग कारें अब तक ज्यादातर टैक्सी या टेस्ट प्रोजेक्ट तक सीमित थीं, लेकिन अब तस्वीर बदलने वाली है. टेंसर कंपनी ने पहली ऐसी पर्सनल कार पेश की है, जिसे इंसान के बिना चलने के लिए डिजाइन किया गया है.
CES 2026 में पेश की गई यह रोबोकार सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता सुपरकंप्यूटर है. कंपनी का दावा है कि इसका दिमाग कई पारंपरिक कंप्यूटर सिस्टम से भी ज्यादा तेज है.
टेंसर की इस रोबोकार में NVIDIA की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर आधारित अत्याधुनिक कंप्यूटर सिस्टम लगाया गया है. यह सिस्टम एक सेकंड में अरबों डेटा प्रोसेस करने की क्षमता रखता है. कार में लिडार, रडार और कैमरों का 360 डिग्री नेटवर्क है, जो सड़क, पैदल यात्रियों और वाहनों की गतिविधियों को न सिर्फ देखता है, बल्कि उनका विश्लेषण भी करता है.
इस कार का सबसे खास फीचर इसका फोल्ड होने वाला स्टीयरिंग व्हील है. ऑटोमैटिक मोड में यह स्टीयरिंग अपने आप डैशबोर्ड के अंदर चला जाता है, जिससे केबिन में अतिरिक्त जगह बन जाती है. यह फीचर कार को पूरी तरह ड्राइवरलेस अनुभव देता है और पारंपरिक कार डिजाइन से इसे बिल्कुल अलग बनाता है.
रोबोकार के बाहर खास LED पैनल लगाए गए हैं, जो पैदल चलने वालों और साइकल सवारों से संवाद करते हैं. ये पैनल लिखकर या संकेतों से बताते हैं कि कार रुकने वाली है या सामने वाले को पहले निकलने का मौका दे रही है. इससे सड़क पर भ्रम की स्थिति कम होती है और सुरक्षा स्तर बढ़ता है.
इस कार को चार्ज करने के लिए इंसान की जरूरत नहीं होगी. रोबोकार खुद चार्जिंग स्टेशन तक जाती है, अपना पोर्ट खोलती है और रोबोटिक सिस्टम के जरिए चार्ज हो जाती है. यह अल्ट्रा फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है, जिसमें केवल 10 मिनट में बैटरी 20 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाती है.
टेंसर इस कार को आम ग्राहकों के लिए लाने की योजना पर काम कर रही है. कंपनी ने राइड शेयरिंग प्लेटफॉर्म Lyft के साथ साझेदारी की है. उम्मीद है कि इसकी डिलीवरी 2026 के अंत तक शुरू होगी, जबकि 2027 से यह कार टैक्सी सर्विस के रूप में भी सड़कों पर नजर आ सकती है.