तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई टेंशन, पेट्रोल कार को CNG में कैसे करें कन्वर्ट? बस जानें कितना आएगा खर्च
वर्तमान में इजराइल-अमेरिका-ईरान तनाव से एलपीजी की कमी के बाद पेट्रोल-डीजल पर भी असर पड़ने की आशंका है. ऐसे में अपनी पेट्रोल कार को CNG में बदलना सस्ता और ज्यादा माइलेज देने वाला विकल्प बन सकता है.
नई दिल्ली: देश में तेल की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों ने ईंधन की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. LPG सिलेंडरों की लंबी कतारें देखकर लोग अब पेट्रोल-डीजल की कमी से भी चिंतित हैं. ऐसे हालात में अपनी पुरानी या नई पेट्रोल कार को CNG में कन्वर्ट कराना एक समझदार कदम साबित हो सकता है. CNG न सिर्फ पेट्रोल से सस्ती है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी बेहतर है और माइलेज में 20-30% तक की बढ़ोतरी दे सकती है. लेकिन इस प्रक्रिया में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है, ताकि सुरक्षा से समझौता न हो और कार की परफॉर्मेंस बनी रहे.
CNG किट लगवाने से पहले जरूरी शर्तें
अपनी कार को CNG के लिए तैयार करने से पहले सबसे पहले जांच लें कि इंजन इसकी अनुकूल है या नहीं. ज्यादातर BS6 या उससे पहले के MPFI इंजन अच्छे से काम करते हैं, लेकिन बहुत पुरानी कारों या टर्बो मॉडल में समस्या आ सकती है. हमेशा ARAI प्रमाणित और अधिकृत डीलर से ही किट खरीदें. सभी पार्ट्स नए होने चाहिए. CNG सिलेंडर की मजबूती के लिए हाइड्रो टेस्ट जरूर करवाएं, ताकि लीकेज का कोई खतरा न रहे. इससे दुर्घटना की आशंका कम होती है और लंबे समय तक सुरक्षित चलती है.
CNG किट लगाने की पूरी प्रक्रिया
यह काम केवल एक्सपर्ट और अधिकृत वर्कशॉप में ही करवाएं. पहले कार को लिफ्ट पर चढ़ाकर बैटरी डिस्कनेक्ट करें. फिर PESO प्रमाणित CNG सिलेंडर बूट में मजबूती से फिट करें. हाई-प्रेशर पाइप से सिलेंडर को रेगुलेटर से जोड़ें. एयर-गैस मिक्सर, प्रेशर रेगुलेटर, सिलेक्टर स्विच और इम्यूलेटर जैसे पार्ट्स इंजन बे में सही जगह लगाएं. इंस्टॉलेशन के बाद लीकेज टेस्ट जरूरी है. अंत में इंजन पहले पेट्रोल पर स्टार्ट करें, फिर CNG मोड में स्विच करें. पूरी जांच के बाद ही गाड़ी चलाएं.
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CNG किट के मुख्य प्रकार
मुख्य रूप से दो तरह की CNG किट उपलब्ध हैं. फैक्ट्री-फिटेड किट कार कंपनी द्वारा बनाई जाती है, जो इंजन के साथ पूरी तरह सिंक रहती है. यह ज्यादा सुरक्षित, बेहतर परफॉर्मेंस वाली और वारंटी प्रभावित नहीं करती, लेकिन महंगी पड़ती है. दूसरी रेट्रोफिटेड किट है, जो बाहर से लगाई जाती है. यह यूनिवर्सल होती है, सस्ती है और किसी भी पेट्रोल कार में लग सकती है, लेकिन वारंटी खत्म हो जाती है और सुरक्षा थोड़ी कम रहती है. अपनी जरूरत के हिसाब से चुनें.
जरूरी सावधानियां और खर्च
पुरानी कारों में CNG किट लगाने से इंजन को नुकसान हो सकता है, इसलिए 10 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियां इससे बचें. RTO से अनिवार्य मंजूरी लें और RC में फ्यूल टाइप अपडेट करवाएं. शुरुआती खर्च 40,000 से 70,000 रुपये तक आता है, लेकिन सालभर में पेट्रोल की बचत से रिकवर हो जाता है. CNG गाड़ी की रेगुलर सर्विसिंग जरूरी है. लंबी यात्रा पर CNG स्टेशन की लोकेशन पहले से चेक करें. सही तरीके से किया जाए तो यह विकल्प वाकई फायदेमंद साबित होता है.