Maruti Suzuki का धमाका, देश की पहली फ्लेक्स फ्यूल कार पेश; यहां जानिए खरीदना कितना फायदेमंद

मारुति सुजुकी ने भारत की पहली फ्लेक्स फ्यूल कार वैगन आर E100 पेश कर दी है जो पूरी तरह से 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चलने में सक्षम होगी.

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Reepu Kumari

देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक नया अध्याय जुड़ गया है क्योंकि मारुति सुजुकी ने अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल कार वैगन आर E100 पेश की है. यह कदम देश में कच्चे तेल के आयात को कम करने और प्रदूषण घटाने के उद्देश्य से उठाया गया है. कंपनी के सीईओ हिसाशी ताकेउची ने इसे 'आत्मनिर्भर भारत' की ओर एक बड़ा कदम बताया. इस दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे.

फ्लेक्स-फ्यूल कार से उठा पर्दा 

मारुति सुजुकी ने गुरुवार को भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार से पर्दा उठा दिया है. कंपनी का कहना है कि यह कार देश में बाहर से आने वाले कच्चे तेल पर निर्भरता कम करेगी और प्रदूषण घटाने में बड़ी भूमिका निभाएगी. इस खास लॉन्चिंग के मौके पर मारुति सुजुकी के MD और CEO हिसाशी ताकेउची ने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर (Wagon R) सिर्फ एक नई कार नहीं है, बल्कि यह भारत के एनर्जी सेक्टर में एक नया चैप्टर है. इस मौके पर केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद थे.

मारुति फ्रोंक्स या वैगन आर?

हालांकि मारुति सुजुकी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर मॉडल का नाम नहीं बताया है, लेकिन उद्योग जगत की रिपोर्टों के अनुसार, यह वाहन या तो भारत में पहले प्रदर्शित वैगन आर फ्लेक्स फ्यूल प्रोटोटाइप या वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित फ्रोंक्स फ्लेक्स फ्यूल कॉन्सेप्ट पर आधारित हो सकता है. दोनों ही वाहन उच्च-इथेनॉल ईंधन मिश्रण के साथ अपनी अनुकूलता प्रदर्शित कर चुके हैं, जिससे वे आज के अनावरण के लिए मजबूत दावेदार बन गए हैं.

डिजाइन

की दृष्टि से, इसमें कोई बड़ा बदलाव अपेक्षित नहीं है. इसके बजाय, संभवतः सारा ध्यान फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पर ही केंद्रित रहेगा, और बाहरी हिस्से में कुछ सूक्ष्म ग्राफिक्स या बैजिंग के जरिए इसे इसके पारंपरिक पेट्रोल मॉडल से अलग किया जा सकेगा. अंदर, खरीदारों को मारुति सुजुकी का जाना-पहचाना केबिन लेआउट मिलेगा, साथ ही इसमें टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, स्मार्टफोन कनेक्टिविटी, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और वेरिएंट के आधार पर कई सुरक्षा फीचर्स जैसे फीचर्स भी मौजूद होंगे.

फ्लेक्स फ्यूल इंजन

सबसे बड़ा आकर्षण इसका इंजन होगा. उम्मीद है कि फ्लेक्स-फ्यूल इंजन स्टैंडर्ड पेट्रोल से लेकर 100 प्रतिशत इथेनॉल तक के फ्यूल ब्लेंड पर चलेगा, जो कच्चे तेल के आयात को कम करने और इथेनॉल के उपयोग को बढ़ाने के सरकार के प्रयासों का समर्थन करता है. हालांकि इथेनॉल ईंधन आमतौर पर पेट्रोल से सस्ता होता है, लेकिन उच्च इथेनॉल ब्लेंड पर चलने वाले वाहनों की ईंधन दक्षता आमतौर पर पेट्रोल से चलने वाले समकक्ष वाहनों की तुलना में कम होती है.

कीमत के बारे में

अभी गुप्त रखी गई है, लेकिन उद्योग के अनुमानों के अनुसार, E100 के अनुकूल होने के लिए आवश्यक अतिरिक्त फ्यूल सिस्टम संशोधनों के कारण स्टैंडर्ड पेट्रोल मॉडल की तुलना में इसकी कीमत थोड़ी अधिक हो सकती है.