20 साल बाद पाकिस्तान पहुंचीं कनाडा की भारतीय मूल की विदेश मंत्री, 47 मिलियन डॉलर की सहायता का किया ऐलान
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने पाकिस्तान दौरे में 47 मिलियन डॉलर की सहायता घोषित की. दोनों देशों ने सुरक्षा, व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और निवेश बढ़ाने पर सहयोग का संकल्प दोहराया.
कनाडा की भारतीय मूल की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने पाकिस्तान का एक दिवसीय दौरा पूरा करते हुए दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने का संकेत दिया. लगभग 20 वर्षों में किसी कनाडाई विदेश मंत्री की यह पहली पाकिस्तान यात्रा रही. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, उपप्रधानमंत्री इशाक डार और गृह मंत्री मोहसिन नकवी से मुलाकात कर व्यापार, निवेश, सुरक्षा, विकास और स्वच्छ ऊर्जा जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की. दोनों देशों ने भविष्य में नियमित द्विपक्षीय संवाद और मंत्रालयों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी सहमति जताई.
47 मिलियन डॉलर की सहायता, सुरक्षा और विकास पर फोकस
दौरे के दौरान अनीता आनंद ने कुल 47 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की नई सहायता की घोषणा की. इसमें 2.2 मिलियन डॉलर सीमा सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी अभियानों, वित्तीय अपराधों की जांच और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से निपटने से जुड़े कार्यक्रमों के लिए निर्धारित किए गए हैं. यह राशि इंटरपोल, संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC), रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) और जकार्ता सेंटर फॉर लॉ एन्फोर्समेंट कोऑपरेशन के सहयोग से संचालित परियोजनाओं पर खर्च होगी. कनाडा ने इसे पाकिस्तान को आतंकवाद और सीमा पार अपराध से निपटने में लंबे समय से मिल रहे सहयोग का विस्तार बताया.
शिक्षा, जलवायु और स्वास्थ्य परियोजनाओं को भी मिलेगा समर्थन
सुरक्षा सहायता के अलावा 45 मिलियन डॉलर विकास परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए हैं. इसमें बाढ़ प्रभावित बच्चों की शिक्षा बहाल करने के लिए 10 मिलियन डॉलर, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता मजबूत करने हेतु 15 मिलियन डॉलर और प्रजनन स्वास्थ्य एवं परिवार नियोजन सेवाओं के विस्तार के लिए 20 मिलियन डॉलर शामिल हैं. इन योजनाओं को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), आगा खान फाउंडेशन कनाडा और संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के सहयोग से लागू किया जाएगा.
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व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग पर जोर
दोनों देशों ने कनाडा-पाकिस्तान विदेशी निवेश संवर्धन एवं संरक्षण समझौते (FIPPA) पर बातचीत तेज करने का फैसला किया. पाकिस्तान ने कनाडाई कंपनियों को शिक्षा, ऊर्जा, खनन, कृषि, बुनियादी ढांचे और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया. स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सौर, पवन और बैटरी स्टोरेज तकनीक पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी. इस दौरान कराची इलेक्ट्रिक के साथ प्रस्तावित 240 मेगावाट धाबेजी हाइब्रिड विंड-सोलर परियोजना और रेको डिक तांबा-स्वर्ण परियोजना को दोनों देशों के बढ़ते आर्थिक सहयोग के प्रमुख उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया गया.
सिंधु जल संधि और क्षेत्रीय सुरक्षा भी रही चर्चा में
बैठक के दौरान पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे और सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) की बहाली का विषय भी उठाया. उपप्रधानमंत्री इशाक डार ने कनाडा से अंतरराष्ट्रीय संधियों के पालन का समर्थन करने की अपील की. उल्लेखनीय है कि भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था. अनीता आनंद ने पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से भी मुलाकात की, जिसमें क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.