आठ साल बाद भी नहीं भूले पत्नी का साथ! हर सुबह ऑटो में करते हैं ऐसा काम, भावुक कर देगी बेंगलुरु ड्राइवर की कहानी
बेंगलुरु के एक बुजुर्ग ऑटो चालक का अपनी दिवंगत पत्नी को रोज ताजे फूल अर्पित करने का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है. आठ साल बाद भी उनका यह प्रेम और समर्पण लोगों को भावुक कर रहा है.
बेंगलुरु: कभी-कभी छोटी-सी आदत भी किसी गहरी भावना का आईना बन जाती है. बेंगलुरु के एक बुजुर्ग ऑटो चालक की ऐसी ही कहानी इन दिनों लोगों को भावुक कर रही है. पत्नी के निधन के आठ साल बाद भी वह हर सुबह अपने ऑटो में उनकी तस्वीरों के सामने ताजे फूल चढ़ाकर दिन की शुरुआत करते हैं.
हर सुबह पत्नी की याद से होती है शुरुआत
यह भावुक कहानी तब सामने आई जब इंस्टाग्राम क्रिएटर आशीष मैथ्यू की नजर इंदिरानगर ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े एक बुजुर्ग ऑटो चालक पर पड़ी. वह अपने ऑटो के अंदर बड़े प्यार से ताजे फूल सजा रहे थे. बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि ये फूल उनकी दिवंगत पत्नी के लिए हैं. ऑटो के स्टीयरिंग के ऊपर और अंदर कई जगह उनकी पत्नी की तस्वीरें लगी हुई हैं. चालक ने बताया कि पत्नी का आठ वर्ष पहले निधन हो गया था, लेकिन उनकी याद आज भी हर दिन उनके साथ रहती है.
परिवार साथ है, लेकिन यादें नहीं हुईं कम
बुजुर्ग चालक ने बताया कि उनके परिवार में बेटा, बहू और छह पोते-पोतियां हैं. इसके बावजूद पत्नी की कमी आज भी उन्हें हर दिन महसूस होती है. उनका कहना है कि समय बीतने से दर्द कम जरूर होता है, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता. इसलिए वह हर सुबह फूल चढ़ाकर अपनी पत्नी को श्रद्धांजलि देते हैं और फिर अपने काम पर निकलते हैं.
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काम ने दिया दुख से लड़ने का सहारा
जब उनसे पूछा गया कि उम्र के इस पड़ाव पर भी वह ऑटो क्यों चलाते हैं, जबकि उनका बेटा उन्हें आराम करने की सलाह देता है, तो उन्होंने बड़ी सादगी से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि यदि वह घर पर बैठे रहते हैं तो पत्नी की यादें उन्हें और अधिक परेशान करती हैं. लोगों से मिलना, यात्रियों से बातचीत करना और पूरे दिन व्यस्त रहना उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखता है. यही वजह है कि उन्होंने काम करना नहीं छोड़ा.
वीडियो ने लोगों को किया भावुक
इस वीडियो के सोशल मीडिया पर आने के बाद हजारों लोगों ने अपनी भावनाएं साझा कीं. कई लोगों ने इसे सच्चे प्रेम की मिसाल बताया. किसी ने लिखा कि ऐसा प्यार जीवनभर याद रहता है, तो किसी ने कहा कि हर व्यक्ति चाहता है कि उसे भी इसी तरह याद रखा जाए. एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि वह इस ऑटो चालक को रोज देखता है और उन्होंने कभी ऐसा दिन नहीं देखा जब वह ऑटो साफ करने और पत्नी की तस्वीरों के सामने फूल रखने की अपनी परंपरा भूल गए हों. यही सादगी और समर्पण इस कहानी को खास बनाता है.