Astro Tips: भागदौड़ भरी लाइफ और अनियंत्रित जीवनशैली से कई गंभीर बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है. इसके साथ ही कुछ ग्रहों के अशुभ प्रभाव के कारण भी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ज्योतिष के जानकारों की मानें तो ग्रहों के अशुभ प्रभाव के चलते ही हार्ट संबंधी बीमारियां होती हैं. वैदिक ज्योतिष में व्यक्ति के जीवन में घटित होने वाली हर घटना की जानकारी मिलती है. उसे किस उम्र में कौन सी बीमारी होगी आदि सबकुछ कुंडली में मौजूद ग्रहों की दशा पर निर्भर करता है.
आजकल हृदयरोग का खतरा काफी बढ़ गया है. यह रोग हर आयुवर्ग के लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है. ज्योतिष के जानकार इस बीमारी का कारण ग्रहों का अशुभ प्रभाव बताते हैं. वैदिक ज्योतिष में हृदय रोग के लिए कुछ ग्रह, योग जिम्मेदार माने गए है. आइए जानते हैं कि वे कौन से ग्रह हैं जो हृदय रोग के लिए जिम्मेदार हैं.
सूर्य- सूर्य को आत्मा का कारक माना जाता है. इस ग्रह से हृदय रोग के बारे में पता लगाया जा सकता है. इसकी शुभ और अशुभ स्थितियों के अनुसार रोग की तीव्रता का पता लगाया जाता है.
चंद्रमा- चंद्रमा को मन और मस्तिष्क का कारण माना गया है. यह जल तत्वों का प्रतिनिधित्व करता है. इस कारण चंद्रमा की स्थिति भी हृदय रोगों के लिए जिम्मेदार हो सकती है.
मंगल- मंगल ग्रह शरीर की मांसपेशियों का प्रतिनिधित्व करता है. हृदय भी मांसपेशियों से ही मिलकर बना हुआ होता है. इस कारण मंगल का अशुभ प्रभाव हृदय रोग का कारण बनता है.
राहु- राहु अचानक आने वाली बीमारियों और दुर्घटनाओं का कारक होता है. यह किसी भी बीमारी को गंभीर अवस्था में पहुंचा सकता है. यह व्यक्ति के हार्ट अटैक का कारण भी बन सकता है.
जन्म कुंडली का पहला भाव लग्न का कहलाता है. इस भाव में उच्च और नीच ग्रहों की अनुसार ही रोगों का पता लगता है. इसके साथ ही चतुर्थ भाव हृदय का भाव होता है.अगर किसी व्यक्ति की कंडली में सूर्य ग्रह चतुर्थ भाव में होने के साथ ही पापी ग्रहों से पीड़ित हो तो व्यक्ति को हृदयरोग हो सकता है. दिल की बीमारी सूर्य-शनि, शनि-मंगल और राहु के कारण होती है.
अगर किसी की कंडली में इनमें से कोई भी दोष हों तो उसे अपनी डाइट पर नियंत्रण रखना चाहिए. इसके साथ ही समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप कराते रहना चाहिए. इसके साथ ही भगवान हनुमान, भगवान कार्तिकेय की पूजा कर सकते हैं. चंडिकाा स्त्रोत से भी आपको लाभ मिलता है. नियमित सूर्य की उपासना भी करें. इससे फैटी लिवर और दिल संबंधित सभी बीमारियां दूर होती हैं.
Disclaimer : यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.