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इन जगहों पर भूलकर भी न खाएं खाना, वास्तु के अनुसार पड़ सकता है घर की सुख-समृद्धि पर असर

वास्तु मान्यताओं के अनुसार बेड, मुख्य दरवाजे, बाथरूम के पास, अंधेरी जगह या टूटे बर्तनों में बैठकर भोजन करने से बचना चाहिए. भोजन के लिए साफ और शांत स्थान को बेहतर माना गया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
इन जगहों पर भूलकर भी न खाएं खाना, वास्तु के अनुसार पड़ सकता है घर की सुख-समृद्धि पर असर
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: वास्तु शास्त्र में भोजन को केवल भूख मिटाने का साधन नहीं माना गया है, बल्कि इसे घर की सुख-समृद्धि और सकारात्मक वातावरण से भी जोड़कर देखा जाता है. वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार भोजन करते समय जगह और आसपास के वातावरण का भी ध्यान रखना चाहिए. 

आजकल सुविधा के लिए कई लोग बेड पर बैठकर, दरवाजे के पास या घर की किसी खाली जगह पर खाना शुरू कर देते हैं. हालांकि, वास्तु मान्यताओं के अनुसार कुछ स्थानों पर बैठकर भोजन करने से बचना चाहिए.

बेड पर बैठकर खाना माना जाता है अशुभ

आजकल टीवी या मोबाइल देखते हुए बेड पर बैठकर खाना खाने की आदत कई लोगों में देखी जाती है. वास्तु मान्यता के अनुसार बिस्तर पर बैठकर भोजन करना शुभ नहीं माना जाता. कहा जाता है कि इससे घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है और मानसिक शांति प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा बिस्तर पर भोजन के टुकड़े गिरने से साफ-सफाई की समस्या भी हो सकती है.

मुख्य दरवाजे के पास न करें भोजन

मुख्य दरवाजा घर में आने-जाने का प्रमुख स्थान होता है. वास्तु के अनुसार इसके बिल्कुल पास बैठकर खाना खाने से बचना चाहिए. मान्यता है कि यहां भोजन करने से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है और सुख-समृद्धि में बाधा आ सकती है. इसलिए भोजन के लिए घर की साफ और शांत जगह को बेहतर माना जाता है.

बाथरूम के पास भोजन करने से बचें

वास्तु शास्त्र में भोजन के स्थान की स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जाता है. इसलिए बाथरूम के सामने या उसके बिल्कुल पास बैठकर भोजन करने से बचने की सलाह दी जाती है. वास्तु मान्यता के अनुसार ऐसी जगह पर खाना खाने से घर के सकारात्मक वातावरण पर असर पड़ सकता है.

टूटे बर्तनों में खाना न खाएं

भोजन हमेशा साफ और सही बर्तनों में करना चाहिए. वास्तु में टूटे हुए बर्तनों को शुभ नहीं माना जाता. मान्यता है कि टूटे प्लेट, गिलास या कटोरी में भोजन करने से घर की सुख-शांति और सकारात्मकता प्रभावित हो सकती है. इसलिए टूटे हुए बर्तनों को इस्तेमाल करने के बजाय अलग कर देना चाहिए.

अंधेरी जगह पर न करें भोजन

भोजन करते समय पर्याप्त रोशनी और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए. वास्तु के अनुसार अंधेरे या बहुत कम रोशनी वाली जगह पर बैठकर भोजन करने से बचना चाहिए. खाना ऐसी जगह खाने की सलाह दी जाती है जहां पर्याप्त प्राकृतिक या कृत्रिम रोशनी हो और वातावरण साफ हो.

कहां बैठकर खाना माना जाता है शुभ?

वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार भोजन के लिए साफ और शांत जगह का चुनाव करना चाहिए. पारंपरिक मान्यताओं में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके भोजन करना शुभ माना जाता है. जमीन पर आराम से बैठकर भोजन करना भी पारंपरिक रूप से अच्छा माना गया है. अगर डाइनिंग टेबल पर खाना खाते हैं तो भी बैठने की दिशा का ध्यान रखा जा सकता है.