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रोहिणी नक्षत्र में होने जा रहा है सूर्य का गोचर! बदलेगी किस्मत या डूबेगा करियर का जहाज, जानें प्रभाव

Surya Gochar: 25 मई, 2024 को सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में गोचर होने जा रहा है जो कि राशिफल के हिसाब से काफी अहम साबित होने वाला है. यह नई शुरुआत और नेतृत्व का समय है, लेकिन इस दौरान गुस्से में लिए गए डिसिजन से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

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Sun Transit in Rohini Nakshtra

Surya Gochar: 25 मई 2024 की तड़के 3:27 बजे सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में गोचर होने जा रहा है जिसे वैदिक ज्योतिष में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. रोहिणी नक्षत्र 27 नक्षत्रों में से चौथा है और इसका प्रभाव व्यक्ति की भावनाओं और कामों पर जन्मपत्र के आधार पर पड़ता है. सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में गोचर के दौरान जातक के लिए सफलता के नए द्वार खुल सकते हैं, लेकिन ज्योतिषीय सलाह का पालन करना भी जरूरी है.

इस दौरान होने वाले पॉजिटिव बदलाव

सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में गोचर किसी जातक के लिए कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है. यह अवधि किसी नए काम की शुरुआत करने के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है. यदि आप लंबे समय से किसी व्यवसाय या प्रोजेक्ट को शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए उत्तम साबित हो सकता है. सूर्य की ऊर्जा और रोहिणी की महत्वाकांक्षा का यह मेल आपको अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकता है.

लीडरशिप स्किल्स का प्रदर्शन करने और दूसरों को प्रभावित करने के लिए भी यह अवधि उत्तम है. यदि आप नौकरी में प्रमोशन की इच्छा रखते हैं या किसी सामाजिक काम में अग्रणी भूमिका निभाना चाहते हैं, तो यह समय आपके कौशल और योग्यता को प्रदर्शित करने का बेहतरीन अवसर है.

सूर्य और रोहिणी का यह संयोग साहसी और दृढ़ संकल्प वाले कामों में भी सफलता दिला सकता है. यदि आप किसी प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हैं या किसी चुनौती को स्वीकार करने की सोच रहे हैं, तो यह अवधि आपके लिए अनुकूल साबित हो सकती है.

किन बातों का रखें ध्यान

हालांकि, सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में गोचर का प्रभाव हमेशा पॉजिटिव ही नहीं होता. इस दौरान जातक को अत्यधिक उत्साह और आवेग में आने से बचना चाहिए. रोहिणी नक्षत्र की एक विशेषता इसकी अस्थिर और आवेगपूर्ण प्रकृति है. यदि आप सतर्क नहीं रहते हैं, तो हो सकता है जल्दबाजी में लिए गए फैसले आपके लिए नुकसानदेय साबित हों.

क्रोध और ईर्ष्या जैसी नेगेटिव भावनाओं पर भी नियंत्रण रखना आवश्यक है. रोहिणी नक्षत्र के प्रभाव से आप उग्र और चिड़चिड़े हो सकते हैं. इस दौरान वाद-विवाद और झगड़ों से बचना चाहिए. आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर चलने की सलाह दी जाती है. रोहिणी का आवेगपूर्ण स्वभाव आपको जल्दबाजी में खरीदारी करने के लिए प्रेरित कर सकता है. साथ ही, किसी भी तरह का जोखिम उठाते समय सावधानी बरतें.

कैसे करें नेगेटिव प्रभाव का उपाय

सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में गोचर के दौरान पॉजिटिव प्रभाव को बढ़ाने और नेगेटिव प्रभावों से बचने के लिए आप कुछ उपाय भी कर सकते हैं.

हनुमान चालीसा का पाठ करें:  रोहिणी नक्षत्र पर मंगल का प्रभाव होता है और हनुमान जी मंगल ग्रह के कारक माने जाते हैं. इसलिए, इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करने से पॉजिटिव ऊर्जा प्राप्त होती है और अत्यधिक उत्साह पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है.

दान-पुण्य करें: दान-पुण्य करना किसी भी ज्योतिषीय गोचर के दौरान शुभ माना जाता है. सूर्य और रोहिणी के गोचर के दौरान दान करने से पॉजिटिवता बढ़ती है और ग्रहों को शांत किया जा सकता है.

लाल, संतरी और पीले रंग का प्रयोग करें: ये रंग सूर्य और रोहिणी से संबंधित हैं. इस दौरान अपने वस्त्रों या घर की सजावट में इन रंगों को शामिल करने से पॉजिटिव ऊर्जा को बढ़ावा मिल सकता है. ज्योतिष के अनुसार मंगलवार और रविवार के दिन रोमांटिक कामों या रिश्तों को मजबूत करने के लिए शुभ माने जाते हैं.

इस दौरान संयम और संतुलन बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है. जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचें और किसी भी काम को करने से पहले अच्छी तरह सोचें. यदि आप क्रोध या आवेग महसूस करते हैं, तो शांत होने के लिए कुछ समय लें. गहरी सांस लेने या ध्यान करने का अभ्यास भी इस दौरान फायदेमंद हो सकता है. सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में गोचर एक शक्तिशाली समय होता है. यदि आप पॉजिटिव ऊर्जा का उपयोग करते हैं और ज्योतिषीय सलाह का पालन करते हैं, तो यह अवधि आपके जीवन में सफलता और समृद्धि ला सकती है.