वास्तु शास्त्र हमारे जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है. यदि घर या कार्यस्थल में वास्तु दोष होते हैं, तो यह नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा दे सकता है, जिससे आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव हो सकता है.
यहां हम आपको सात आसान वास्तु टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाने से बरकत बनी रहेगी और बुरी नजर से भी बचाव होगा.
घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है. इसे हमेशा साफ-सुथरा रखें और दरवाजे पर स्वस्तिक, ॐ या शुभ-लाभ का चिह्न लगाएं. इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और बुरी नजर दूर रहती है.
तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है और नकारात्मक शक्तियों को दूर करता है. इसे उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है. रोजाना तुलसी को जल अर्पित करें और शाम को उसके पास दीपक जलाएं, इससे घर में बरकत बनी रहती है.
टूटी हुई मूर्तियां, शीशे, बंद घड़ियां या फटे कपड़े घर में नकारात्मक ऊर्जा लाते हैं. ऐसी चीजें तुरंत हटा दें क्योंकि ये दुर्भाग्य और आर्थिक तंगी को बढ़ावा दे सकती हैं.
किचन में चूल्हे और पानी की टंकी को अगल-बगल न रखें क्योंकि अग्नि और जल का टकराव घर में कलह बढ़ा सकता है. साथ ही, रसोई में अन्न और धन की बरकत बनी रहे, इसके लिए खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर मुख रखें.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दर्पण को हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए. इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. बेडरूम में दर्पण लगाने से बचें, क्योंकि यह दांपत्य जीवन में तनाव ला सकता है.
बहते हुए पानी की तस्वीरें या खराब टंकी घर में नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न कर सकती हैं और इससे आर्थिक हानि हो सकती है. यदि फव्वारा रखना हो तो इसे उत्तर दिशा में रखें.
बुरी नजर से बचने के लिए सप्ताह में एक बार घर में सेंधा नमक मिले पानी से पोछा लगाएं. साथ ही, घर में कपूर जलाना बहुत शुभ माना जाता है. यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मक माहौल बनाता है.