नई दिल्ली: देशभर में बुधवार शाम जैसे ही आसमान में चांद नजर आया, वैसे ही रमजान के आगमन की खुशखबरी फैल गई. दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई इलाकों में चांद दिखने की पुष्टि की गई. इसके साथ ही माह-ए-रमजान की शुरुआत का ऐलान कर दिया गया. धार्मिक कमेटियों ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि गुरुवार, 19 फरवरी 2026 से पहला रोजा रखा जाएगा. मस्जिदों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और लोगों में इबादत के इस पवित्र महीने को लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है.
दिल्ली की जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद की हिलाल कमेटियों ने चांद दिखने की पुष्टि की. फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुखर्रम अहमद और जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम सैयद शाबान बुखारी ने ऐलान किया कि अब रोजे गुरुवार से शुरू होंगे. इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी.
बिहार, झारखंड और ओडिशा में धार्मिक मामलों को देखने वाली इमारत-ए-शरिया ने भी कई हिस्सों में चांद नजर आने की जानकारी दी. उत्तर प्रदेश के कई शहरों से भी चांद दिखने की खबरें आईं. आधिकारिक पुष्टि के बाद पूरे देश में रमजान की शुरुआत एक साथ घोषित कर दी गई.
अक्सर देखा जाता है कि भारत में रमजान की शुरुआत मध्य पूर्व देशों के मुकाबले एक दिन बाद होती है. इसकी वजह चांद दिखने का अलग-अलग समय है. इस बार सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में चांद एक दिन पहले नजर आया था, इसलिए वहां रोजे पहले शुरू हुए.
रोजा रखने वाले लोग सुबह तड़के सेहरी करते हैं. सेहरी के बाद फज्र की नमाज अदा की जाती है और फिर पूरे दिन खाने-पीने से परहेज रखा जाता है. सूर्यास्त के बाद इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है. रमजान को सब्र, संयम और इबादत का महीना माना जाता है.
रमजान के पहले दिन भारत में सेहरी का समय करीब सुबह 5:37 बजे तक और इफ्तार का समय लगभग शाम 6:15 बजे के आसपास बताया गया है. जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेंगे, रोजे की अवधि में भी थोड़ा इजाफा होगा. अलग-अलग शहरों में समय में मामूली अंतर संभव है.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.