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नौतपा के 9 दिन बदल सकते हैं आपकी किस्मत, जानें क्यों बढ़ जाता है सूर्य पूजा का महत्व

नौतपा 2026 की शुरुआत 25 मई से होगी और यह 2 जून तक चलेगा. हिंदू धर्म और ज्योतिष में इन 9 दिनों को बेहद पवित्र माना जाता है. चलिए जानते हैं क्या है इसका महत्व.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
नौतपा के 9 दिन बदल सकते हैं आपकी किस्मत, जानें क्यों बढ़ जाता है सूर्य पूजा का महत्व
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: हिंदू धार्मिक परंपराओं और ज्योतिष शास्त्र में नौतपा का एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण स्थान है. नौतपा के नौ दिनों को बहुत पवित्र माना जाता है. ज्योतिषीय सिद्धांतों के अनुसार नौतपा का सीधा संबंध सूर्य देव के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश से है. नौतपा की शुरुआत ठीक उसी समय होती है जब सूर्य देव इस विशिष्ट चंद्र मंडल में प्रवेश करते हैं. नौतपा के दौरान, सूर्य देव अपनी तीव्र ऊर्जा के चरम पर होते हैं. जिसके वजह से इस अवधि में सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिसके कारण पूरे नौतपा के दौरान भीषण गर्मी पड़ती है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अवधि केवल एक मौसमी बदलाव का संकेत मात्र नहीं है बल्कि इसे पूजा-पाठ, मंत्र जाप, आध्यात्मिक तपस्या और दान-पुण्य के कार्यों के लिए विशेष रूप से शुभ समय माना जाता है. इस वर्ष नौतपा की नौ-दिवसीय अवधि 25 मई से शुरू हो रही है और 2 जून तक रहेगी. इस दौरान पृथ्वी के अत्यधिक गर्म होने की उम्मीद है. मानो वह अग्नि की तरह तप रही हो. जिसके वजह से नौतपा के इन नौ दिनों के दौरान सूर्य देव की पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है.

नौतपा के नौ दिनों का क्या है महत्व?

नौतपा की अवधि आध्यात्मिक अनुशासन और आत्म-शुद्धि के लिए समर्पित होती है. इन नौ दिनों के दौरान भक्त पूजा-पाठ, तपस्या और दान-पुण्य के कार्यों में संलग्न रहते हैं, जिससे उन्हें विशेष आध्यात्मिक पुण्य प्राप्त होता है. धार्मिक परंपरा के अनुसार नौतपा के दौरान किए गए दान-पुण्य के कार्यों से पूर्वजों का आशीर्वाद और कृपा प्राप्त होती है. इस दौरान सूर्य देव की पूजा करने के साथ-साथ, सत्तू यानी भुने हुए चने का आटा, मिट्टी के घड़े, छाते, ठंडा पानी, हाथ के पंखे और ठंडक देने वाली अन्य वस्तुओं का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. 

क्यों की जाती है सूर्य देव की पूजा?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा के नौ दिनों के दौरान सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस समय सूर्य देव पृथ्वी के सबसे निकट होते हैं और अपनी पूरी ऊर्जा के साथ चमकते हैं. इस अवधि में सूर्य की किरणें सीधे और तीव्र रूप से पृथ्वी पर पड़ती हैं. 

पूरे नौतपा के दौरान भक्तगण स्नान के बाद हर सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस समय सूर्य देव की पूजा करने से अन्य सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है, जिससे जीवन में ओज और उत्तम स्वास्थ्य बना रहता है.