menu-icon
India Daily

आज अष्टमी-नवमी की पूजा एक साथ, जानें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त, मंत्र और विधि

शारदीय नवरात्रि का आज खास दिन है. तिथियों के संयोग के कारण महाअष्टमी और महानवमी से जुड़े पूजा-अनुष्ठान एक ही दिन किए जा रहे हैं.

Shilpa Shrivastava
आज अष्टमी-नवमी की पूजा एक साथ, जानें कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त, मंत्र और विधि
Courtesy: ChatGPT AI

नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि का आज खास दिन है. तिथियों के संयोग के कारण महाअष्टमी और महानवमी से जुड़े पूजा-अनुष्ठान एक ही दिन किए जा रहे हैं. महाअष्टमी पर मां महागौरी और महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की अराधना की जाती है. इस दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है. साथ ही हवन भी किया जाता है. अगर आप भी आज कन्या पूजन करने वाले हैं, तो जान लीजिए शुभ मुहूर्त, पूजा की विधि और मां दुर्गा के विशेष मंत्र.

अष्टमी-नवमी की पूजा एक साथ क्यों?

पंचांग के अनुसार, आश्विन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक रहेगी. इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगी. तिथियों के इस संयोग के कारण श्रद्धालु 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी से जुड़े अनुष्ठान कर सकते हैं. 

कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त:

छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है और इसलिए नवरात्रि में उनकी पूजा की जाती है. 19 अक्टूबर को कन्या पूजन के लिए दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं.

  • अमृत काल: सुबह 7:28 बजे से 9:16 बजे तक.

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक.

स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त में अंतर हो सकता है. इसलिए पूजा करने से पहले अपने शहर के पंचांग से समय की पुष्टि कर लें.

महाअष्टमी पर मां महागौरी की पूजा:

नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की आराधना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं में उन्हें शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. भक्त उनकी पूजा करके परिवार में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. मां महागौरी के मंत्र ॐ देवी महागौर्यै नमः का जाप जरूर करें.

पूजा विधि: सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें. पूजा स्थल पर मां की तस्वीर लागएं. सफेद फूल, अक्षत, धूप, दीप और फल अर्पित करें. इसके बाद मंत्र का जाप करके आरती करें. मां को नारियल चढ़ाएं और जरूरतमंदों को भोजन या सफेद वस्त्र दान करें.

महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की आराधना:

नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी आराधना से ज्ञान, विवेक और सिद्धि की प्राप्ति होती है. मां सिद्धिदात्री के मंत्र ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः का जाप जरूर करें. पूजा के दौरान मां को फूल, फल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें. इसके बाद मंत्र का जाप और आरती करें. अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार हवन भी कर सकते हैं. जरूरतमंदों को भोजन कराना भी शुभ माना जाता है.

कन्या पूजन कैसे करें?

कन्या पूजन के लिए सबसे पहले घर और पूजा स्थल की सफाई करें. छोटी कन्याओं को आदरपूर्वक घर बुलाकर स्वच्छ आसन पर बैठाएं. परंपरा के अनुसार उनके पैर धोकर तिलक लगाएं और भोजन कराएं. कन्या पूजन में हलवा, पूड़ी और काले चने का प्रसाद बनाया जाता है. भोजन के बाद कन्याओं को दक्षिणा या उपहार देकर उनका सम्मान करें. कुछ परिवारों में एक बालक को भैरव स्वरूप मानकर भोजन कराने की भी परंपरा है.