करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है. इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं. शाम को करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है. इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण करके व्रत खोला जाता है. इस साल करवा चौथ का निर्जला व्रत करीब 13 घंटे 46 मिनट का होगा.
वैदिक पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगी और उसी दिन रात 10 बजकर 9 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. उदयातिथि के अनुसार करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा. इसी दिन कार्तिक संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी रखा जाएगा. करवा चौथ पर महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखने के बाद रात में चंद्रमा के दर्शन और पूजा करके व्रत पूरा करेंगी.
करवा चौथ के दिन पूजा का शुभ समय शाम 5 बजकर 38 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा. इस दौरान करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा की जा सकती है. पूजा के लिए कुल 1 घंटे 17 मिनट का समय मिलेगा. परंपरा के अनुसार करवा चौथ की पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है.
इस साल करवा चौथ का निर्जला व्रत करीब 13 घंटे 46 मिनट का होगा. सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए व्रत सुबह 6 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 17 मिनट तक चलेगा. हालांकि, कुछ परंपराओं में करवा चौथ का व्रत सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक रखने का विधान है. ऐसी स्थिति में व्रत की अवधि 24 घंटे हो सकती है. इसलिए व्रत की अवधि स्थानीय परंपरा और परिवार में चली आ रही मान्यता के अनुसार अलग हो सकती है.
करवा चौथ के दिन चंद्रोदय रात 8 बजकर 17 मिनट पर होने की जानकारी दी गई है. चंद्रमा के दर्शन होने के बाद महिलाएं विधि-विधान से चंद्रमा की पूजा करेंगी और अर्घ्य देंगी. इसके बाद पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोला जाएगा. चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए पूजा की थाली में जल से भरा करवा, छलनी और अन्य पूजा सामग्री पहले से तैयार रखी जा सकती है.
जो महिलाएं चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं, उनके लिए 29 अक्टूबर की रात 8 बजकर 17 मिनट के बाद पारण किया जा सकता है. वहीं, जिन परंपराओं में अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत खोलने का विधान है, वे 30 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 6 बजकर 31 मिनट के बाद पारण करेंगी.
करवा चौथ पर पूजा और व्रत के नियम अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में कुछ हद तक अलग हो सकते हैं. इसलिए स्थानीय पंचांग और परिवार की परंपरा को भी ध्यान में रखना उचित माना जाता है.
- करवा चौथ की तारीख: 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार.
- चतुर्थी तिथि शुरू: 29 अक्टूबर, रात 1:06 बजे.
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 29 अक्टूबर, रात 10:09 बजे.
- पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक.
- निर्जला व्रत अवधि: सुबह 6:31 बजे से रात 8:17 बजे तक.
- चंद्रोदय का समय: रात 8:17 बजे.
- चंद्रमा को अर्घ्य: रात 8:17 बजे के बाद.
- पारण: 29 अक्टूबर को रात 8:17 बजे के बाद या संबंधित परंपरा के अनुसार 30 अक्टूबर को सूर्योदय के बाद.