Samudrik Shastra: आजकल युवाओं में टैटू बनवाने का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. कोई अपनी गर्दन पर टैटू बनवाता है, तो कोई हाथ, पीठ या यहां तक कि छाती पर भी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर पर टैटू बनवाने का सीधा संबंध आपके भाग्य और ग्रहों से जुड़ा होता है? सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष दोनों में इस विषय को लेकर कई गंभीर चेतावनियां दी गई हैं.
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, शरीर के हर अंग का सीधा संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है. यदि उस अंग पर कोई बाहरी हस्तक्षेप किया जाता है जैसे कि टैटू बनवाना, छेद करवाना या गहरे रंगों से चित्रित करना तो संबंधित ग्रह का प्रभाव कमजोर या अशुभ हो सकता है.
ग्रहों का असंतुलन: हाथ, गर्दन, कंधा और छाती ऐसे स्थान हैं जो मंगल, शुक्र, सूर्य और चंद्रमा जैसे ग्रहों से जुड़े होते हैं. इन अंगों पर टैटू बनवाने से ग्रहों का स्वाभाविक संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में संघर्ष, क्रोध, दुर्घटनाएं या रिश्तों में खटास आ सकती है.
ऊर्जाओं में बाधा: शरीर पर कुछ स्थान ऊर्जा केंद्र होते हैं. टैटू स्याही और उसकी बनावट उस ऊर्जा के प्रवाह को बाधित कर सकती है, जिससे मानसिक तनाव और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है.
सामुद्रिक शास्त्र की चेतावनी: इस शास्त्र के अनुसार, हथेली, गर्दन और माथे जैसे स्थानों पर किसी भी प्रकार की बाहरी छेड़छाड़ (जैसे टैटू या कट) से जीवन में दरिद्रता, अपयश और ग्रह दोष उत्पन्न हो सकते हैं.